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अदालत में धुला हिन्दू आतंकवाद का दाग

मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस: असीमानंद समेत सभी आरोपी बरी, एनआईए पेश नहीं कर सकी सबूत, ओवैसी ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। हैदराबाद के मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए असीमानंद समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। बता दें कि 2007 को मक्का मस्जिद में हुए ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हुए थे। इस घटना के 10 आरोपी थे जिनमें से आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें असीमानंद का नाम प्रमुख था। कोर्ट का फैसला आने के बाद इस पर सियासत भी शुरू हो चुकी है। राजनीतिक दल फैसले पर अपनी कड़ी टिप्पणियां कर रहे हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ने कहा की न्याय नहीं हुआ।

इन्हें बनाया गया आरोपी

बम धमाके के मामले में अभिनव भारत के सदस्य असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा उर्फ अजय तिवारी, लक्ष्मण दास महाराज, मोहनलाल रतेश्वर और राजेंद्र चौधरी समेत 10 को एनआईए ने आरोपी बनाया था। इस केस में दो और आरोपी- रामचंद्र कालसांगरा और संदीप डांगे का भी नाम है, जो अभी भी फरार हैं। वहीं केस के एक मुख्य आरोपी सुनील जोशी की 29 दिसंबर 2007 को अज्ञात लोगों ने मध्य प्रदेश के देवास में गोली मारकर हत्या कर दी थी। गौरतलब है कि मक्का मस्जिद मामले में सीबीआई ने सबसे पहले 2010 में आसीमानंद को गिफ्तार किया था लेकिन 2017 में उन्हें जमानत मिल गई थी। इस केस के एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की जांच के दौरान हत्या कर दी गई थी। दो और आरोपियों संदीप वी डांगे, रामचंद्र कलसंग्रा के बारे में मीडिया रिपोर्टस में दावा किया गया है कि उनकी भी हत्या की चुकी है।

एनआईए जज ने दिया इस्तीफा

हैदराबाद। हैदराबाद की मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में फैसला सुनाने के कुछ ही घंटों बाद स्पेशल एनआईए कोर्ट के जज रविंदर रेड्डी ने इस्तीफा दे दिया है। रेड्डी ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को अपना इस्तीफा भेजा है। उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। इस बीच हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जज के इस्तीफे पर हैरानी जताई है।

18 मई 2007 को हुआ था ब्लास्ट

18 मई 2007 को दोपहर 1 बजे के आसपास मस्जिद में धामाका हुआ था जिसमें 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, बाद में इन चारों की भी मौत हो गई थी।

 

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