Chhattisgarh

अरे ऐसा क्या हुआ कि जोगी ने दिया जिला कोर्ट को शिफ्ट करने का प्रस्ताव

इन्दौर/ रायुपर। जिला कोर्ट को अन्यत्र स्थानांतरित करने को लेकर भले ही पिछले कुछ वर्षों से अभिभाषकों में काफी गहमा-गहमी रही है पर वास्तविकता यह है कि इन्दौर जिला कोर्ट को स्थानांतरित करने की योजना 30 साल पहले तत्कालीन कलेक्टर अजीत जोगी के कार्यकाल में ही बन गई थी ।
जोगी 1981 से 1985 तक इन्दौर के कलेक्टर रहे जब दिवंगत कांग्रेस नेता प्रकाशचंद सेठी प्रदेश के मुख्यमंत्री थे । कलेक्टर जोगी ने अभिभाषक संघ को उसी दौरान जिला कोर्ट को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया था । सूत्रों के मुताबिक इस बारे में कलेक्टर जोगी और तत्कालीन अध्यक्ष और सचिव के बीच विस्तृत चर्चा हुई थी । संघ के दोनों पदाधिकारियों ने सरकारी वाहन में ही जाकर प्रस्तावित कोर्ट परिसर का मुआयना भी किया था उनके साथ एक वरिष्ठ अभिभाषक भी थे जो उस वक्त कार्यकारिणी में सदस्य नहीं थे ।
सहमति पत्र भी दिया था
सूत्रों का दावा है कि अभिभाषक संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर अजीत जोगी को जिला कोर्ट स्थानांतरित करने के मामले में सहमति पत्र भी दिया था ।
चूंकि उस वक्त ज्यादातर अभिभाषक इस प्रस्ताव के खिलाफ थे बात आगे बढ़ नहीं पाई । इस बीच अभिभाषक संघ के चुनाव आ गए और अध्यक्ष पद पर नई नियुक्ति हो गई । नये अध्यक्ष और कार्यकारिणी ने पहली ही साधारण सभा में जिला कोर्ट को अन्यत्र स्थानांतरित करने का प्रस्ताव बहुमत से निरस्त कर दिया ।
लंबे समय तक ठंडे बस्ते में था मामला
इसके बाद मामला लंबे समय के लिए ठंडे बस्ते में चला गया । वक्त के साथ जिला कोर्ट में अभिभाषकों की संख्या लगातार बढ़ती रही जो अब करीब साढ़े पांच हजार के लगभग है । पिछले महीनों प्रशासन को फिर से जिला कोर्ट परिसर अन्यत्र स्थानांतरित करने की बात सूझी और मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया ।

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