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इंडिगो और गोएयर के 65 विमानों की उड़ान पर रोक

नई दिल्ली। पिछले 2 हफ्तों में तीसरी बार बीच हवा में एयरक्राफ्ट्स के इंजनों के फेल होने की घटना को गंभीरता से लेते हुए सिविल एविएशन रेग्युलेटर ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने 65 विमानों को तुरंत हटाने का आदेश जारी किया। इनमें से 47 विमान इंडिगो एयरलाइंस के हैं तो 18 विमान गोएयर के हैं। गड़बड़ी वाले विमानों के हटने के बाद कई अहम घरेलू रूट्स पर मंगलवार को विमान सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं हैं। इंडिगो को अपनी 47 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नै, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, श्रीनगर, भुवनेश्वर, अमृतसर, श्रीनगर और गुवाहाटी समेत कई शहरों से जाने और आने वाली उड़ानें रद्द की गई हैं। उड़ानों के रद्द होने के बाद यात्रियों को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर इंडिगो ने बयान जारी कर कहा है कि उसकी एक ही रूट पर कई उड़ानें हैं और प्रभावित यात्रियों को अन्य फ्लाइट्स से जाने की व्यवस्था की जा रही है। कंपनी ने कहा, सभी प्रभावित यात्रियों को 2 विकल्प दिए गए हैं। या तो वह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किसी अन्य फ्लाइट से यात्रा करें या टिकट को रद्द करा पूरा रीफंड पाएं। टिकट रद्द कराने वालों से कोई कैंसलेशन चार्ज नहीं लिया जाएगा।
दरअसल सोमवार को इंडिगो की एक फ्लाइट को इंजन में गड़बड़ी के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमर्जेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। इस घटना के कुछ ही घंटों में ष्ठत्रष्ट्र ने इंडिगो और गोएयर को निर्देश दिया कि वे उन ग्यारह ्र320 नियो विमानों को सेवा से तुरंत हटा लें, जिनमें प्रैट ऐंड विटनी इंजनों की एक खास सीरीज लगी हुई है। एक खास सीरीज वाले कुल 14 ए 320 नियो विमानों को अब सेवा से हटाया जा चुका है। इनमें 11 का उपयोग इंडिगो कर रही थी और 3 का गोएयर। इंडिगो के तीन विमान पहले ही इस समस्या के कारण सेवा से हटाया जा चुके थे।
65 विमानों के हटने और उड़ानों के रद्दे होने के बाद मंगलवार को देश के तमाम एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों यात्री फंसे हुए हैं। सोमवार को भी कई यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
बता दें कि इंडिगो हर दिन करीब 1,000 उड़ानों को संचालित करता है। इंडिगो के पास डोमेस्टिक फ्लायर्स का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा है तो गोएयर का मार्केट शेयर करीब 10 प्रतिशत है।

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