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कालीदरहा जलाशय से बुझेगी शहर की प्यास

सरायपाली। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो शहर को आगामी 30 सालों के लिए पेयजल की समस्या से पूरी तरह निजात मिल जाएगा. शहर की प्यास कालीदरहा जलाशय से बुझाने हेतु नपा की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं. इसके लिए अहमदाबाद की टीम सर्वे करने में जुट गई है. नगर पालिका के प्रयासों को शासन की ओर से इस हेतु करोड़ों रूपए स्वीकृति की सहमति दी गई है. फिलहाल अभी सर्वे करने के उपरांत उसे प्रदेश के जल समिति को भेजा जाएगा. वहां से एनओसी मिलने के पश्चात काम भी शुरू हो जाएगा. अहमदाबाद की एक कंपनी कई महीनों से सरायपाली के सिंगबहाल, घुरऊ जलाशय एवं कालीदरहा जलाशय का निरीक्षण कर चुकी है. इसमें सबसे उपयुक्त कालीदरहा जलाशय को माना गया है.
जलाशयों में जल भराव की जो क्षमता रहती है उसमें सिंचाई एवं पेयजल की अलग-अलग लिमिट रहती है. उसी लिमिट को ध्यान में रखकर पानी प्रदाय की योजना बनाई जाएगी. बरसात के पानी का 8 माह तथा गर्मी के दिनों में 4 माह स्टोरेज पानी की उपलब्धता का आंकलन किया जा रहा है, जिसका पानी फिल्टर करके पेयजल के रूप में लाया जाएगा. कालीदरहा जलाशय की दूरी शहर से 16 किमी है जो अन्य 2 जलाशयों की अपेक्षा समीप है. फिलहाल सरायपाली और कालीदरहा जलाशय तक की लेवल जांच किया जा रहा है. आंकलन के मुताबिक जलाशय से शहर 40 मीटर नीचे अगर आता है तो बिना मोटर लगाए भी सीधे पाईपलाईन के माध्यम से पानी पहुंच जाएगा. वर्तमान में पाईपलाईन हेतु भी सर्वे कार्य चालू हो गया है. सर्वे करने वाली मार्स प्लानिंग एण्ड इंजीनियरिंग सर्विसेस प्रायवेट लिमिटेड कंपनी अहमदाबाद द्वारा यह कार्य किया जा रहा है. जलाशयों की जलभराव एवं उसके लिमिट को ध्यान में रखकर इसके लिए सिंचाई विभगा से भी एनओसी लिया जाएगा. इसके बाद यह फाईल प्रदेश जल समिति के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा. वर्तमान में शहर की जनसंख्या 25 हजार है. आंकलन के अनुसार 30 वर्ष के लिए प्रतिवर्ष शहर को 1.25 एमसीएम पानी की आवश्यकता पड़ेगी. यह योजना अगर कारगर हो गई तो इसके लिए 3 करोड़ तक स्वीकृति भी शासन से मिलने की संभावना है।
कुछ साल पहले पीएचई विभाग द्वारा भी क्षेत्र के 60 गांव को पेयजल की समस्या से निजात दिलाने हेतु सिंगबहाल बांध से पानी लाने का प्राक्कलन तैयार किया गया था, जिसकी एनओसी सिंचाई विभाग ने भी दे दी थी. लेकिन लम्बा चौड़ा बजट की स्वीकृति न मिलने से यह कार्य अधर में लटक गया. वर्तमान में शहर में पेयजल हेतु नपा के प्रयासों से पानी की समस्या नहीं है लेकिन जिस तरह से शहर का जल स्तर लगातार कम होते जा रहा है, उससे स्थायी निजात पाने के लिए नपा भी कोशिश में लगी हुई है. हर वर्ष नगर पालिका को 15-20 नए ट्यूबवेल खनन करवाने पड़ते हैं. प्रतिदिन शहर में 25 लाख लीटर पानी की खपत हो रही है. धीरे-धीरे शहर की जनसंख्या बढे”गी और आगामी 30 सालों तक की जनसंख्या व पानी की खपत को ध्यान में रखते हुए जलाशय से पानी मुहैय्या कराने हेतु बड़ा कदम उठाया जा रहा है.

समाधान के लिए प्रयास जारी : पटेल
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती चंद्रकुमार पटेल से पूछे जाने पर बताया कि लम्बे समय तक शहर के पेयजल हेतु स्थायी समाधान के लिए प्रयास जारी है, स्थायी समाधान के लिए पेयजल की व्यवस्था करना नपा के लिए यह सबसे बड़ी उपलब्धि होगी. यह कारगर रहा तो शहर को लम्बे समय तक के लिए पेयजल की स्थायी समस्या का हल हो जाएगा.

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