Chhattisgarh dhamtari

चना की फसल लेकर किसान मुसीबत में फंसे

धमतरी। सरकारी दबाव में धान की जगह चना की फसल लेकर अब किसान मुसीबत में फंस गए है। पहले मौसम की मार और अब उपज की मामूली कीमत ने किसानों के अंदर सरकार की खिलाफ गुस्सा भर दिया है। कॉंग्रेस ने अब इस मुद्दे पर प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को कॉंग्रेस प्रदेश सचिव आनंद पवार अपने समर्थकों के साथ बैलगाड़ी में सवार होकर कलेक्टोरेट पहुँचे और शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियो की तरफ से एक ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा गया। जिसमें दलहन तिलहन की फसल को मंडी में उचित दाम पर खरीदने और मौसम के कारण खराब हुए फसल की क्षतिपूर्ति देने की मांग की है।
धान उत्पादन के मामले में धमतरी का प्रदेश में खास स्थान है। यहीं वजह है कि यहां सर्वाधिक अरवा और उसना राईस मिले संचालित है। जिला प्रशासन और सरकार ने किसानों को धान की फसल न लेने और दलहन-तिलहन की फसल के लिए प्रोत्साहित किया था। इतना ही नहीं किसानों को समर्थन मूल्य से अधिक मूल्य दिलाकर किसानों की उपज को खरीदने का भरोसा दिलाया गया, लेकिन अब तक खरीदी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव आनंद पवार ने कहा कि गांव-गांव किसान मित्रों के माध्यम से फसल चक्र परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित किया गया, लेकिन बिना कोई खरीदी व्यवस्था किये किसानों को गुमराह किया जा रहा है। जिन किसानों के सिंचाई पंपो का पानी या स्तर आज तक कम नहीं हुआ। उन किसानों ने भी अनुभवहीनता के बाद भी चना-गेंहू लगाया है। कांग्रेसियों की माने तो पिछले वर्ष शुरूआत में ही चना 6 हजार रूपये के भाव से खुला और बाद में 7 से 8 हजार तक भाव मिला था, जिससे किसानों को ही लगा था कि न्यूनतम 3 तीन क्विंटल तक भी यदि उपज होती है तो भी कम से कम घाटा तो नहीं होगा, लेकिन आज चना के बढ़ते रकबे को देखकर बिचौलिये पहले से ही सक्रिय हो गये है। इतना ही नहीं अब भी कृत्रिम संकट पैदा कर 3 हजार रूपये चना का भाव दे रहे है, जबकि बाजार में अभी चना के आवक की आंशिक शुरूआत भर हुई है।
केन्द्र और प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेसियों ने कहा कि बम्पर आवक के समय सरकार के दलाल चना के भाव गिराकर औने-पौन में खरीदने की तैयारी कर चुके है। कांग्रेसियों ने मांग रखी है कि दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी समर्थन मूल्य पर करे ताकि किसान और प्रोत्साहित हो सके। वहीं कहा है कि आने वाले 18 मार्च से किसानों के अधिकार और हक के लिए गांव-गांव में किसान बैठका कर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला जाएगा। वहीं मामले में अपर कलेक्टर केआर ओगरे का कहना है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी शासन स्तर का मामला है। इस कारण मामले से शासन को अवगत कराया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *