Chhattisgarh Government

छत्तीसगढ़ में और बाबूलालों को तलाश रहा आयकर विभाग

छत्तीसगढ़ के निलंबित आईएएस बाबूलाल अग्रवाल और फर्जीवाड़े में सिद्धहस्त उनके सीए सुनील अग्रवाल जैसे और लोगों की तलाश में आयकर विभाग जोर-शोर से लग गया है। विभाग के आला अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में दो हजार से ज्यादा सरकारी मुलाजिम हैं, जिन्होंने बेनामी संपत्ति बंटोर रखी है। इनके अलावा बड़ी संख्या में शराब माफिया, दवा कारोबारी, सराफा व्यवसायी, स्टील कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर हैं, जो सालों से कर चोरी कर बेनामी संपत्ति अर्जित करते आ रहे हैं। जल्द ही इनकी कुंडली खोलने का काम आयकर वि•ााग शुरू करने जा रहा है।

फर्जी नामों पर चल रहे काले कारोबार
आयकर विभाग का दावा है कि उन्होंने एक ऐसी सूची तैयार कर रखी है, जो अपनी बेनामी संपत्ति और पैसों को किसी दूसरे के नाम कर अपना काला कारोबार चला रहे हैं। विभाग के अनुसार असली मालिक तो पांच-छह लोग ही हैं, पर दुकानें चल रही हैं सैकड़ों के नाम से। इसके अलावा गत छह महीने में कुछ बड़े कारोबारियों ने करोड़ों की जमीन को दान में दिखाकर उन्हें भी अपने कब्जे में दोबारा ले लिया है, ऐसे लोगों की भी कुंडलियां विभाग के पास मौजूद है।

बेनामी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
आयकर विभाग ने ऐसे करीब 500 से ज्यादा लोगों को नोटिस भी जारी कर दिया है। कानून के अनुसार बेनामी एक्ट के तहत शिकायत सही पाए जाने पर संपत्ति जब्त करने के अलावा 6 साल की सजा का भी प्रावधान है। आला अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की जो घोषणा की है, उसके बाद से सभी संदेही बैंक खातों पर लगातार नजर रखी जा रही है, इसके अलावा ऐसे खातों पर भी नजर रखी जा रही है, जिसमें कभी कभार ही पैसे जमा होते थे, किंतु घोषणा के तत्काल बाद बड़ी रकम जमा की गई है।

सजा के लिए तैयार रहे आरोपी
जिन लोगों ने बेनामी संपत्तियां ले रखी हैं, उनकी जांच होगी। मान लें कि पैसा ए का है और उसने प्रॉपर्टी बी के नाम से ले रखी है, जबकि बी के पास कोई सोर्स भी नहीं है, सिर्फ नाम के लिए ही उसके नाम से रजिस्ट्रेशन करा रखा है, ऐसी प्रॉपर्टीज की या ऐसे खातों की जानकारी लेकर आयकर विभाग ‘बेनामी एक्ट’ के तहत कार्रवाई करेगा।
– केसी घुमरिया, मुख्य आयकर आयुक्त

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