Chhattisgarh Politics

डॉ. रमन ने मुलाकात के लिए भूपेश को दिया 16 की शाम का समय

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात के लिए समय मांगा था। मुख्यमंत्री सचिवालय से बघेल को मिले पत्र के मुताबिक मुख्यमंत्री ने 16 मई को मुलाकात के लिए समय दे दिया है। मुख्यमंत्री 15 मई को लोक सुराज अभियान से रायपुर लौट रहे हैं, उसके बाद मुख्यमंत्री निवास में मेल मुलाकात का दौर शुरू होगा। इस बीच भूपेश बघेल को भी मिलने के लिए समय दिया गया है। दरअसल, बघेल ने कुरुदडीह के किसानों की जमीन मामले को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा के लिए उन्हें पत्र लिखा था।
किसानों ने घेरा था बघेल का आवास
भूपेश के खिलाफ ईओडब्लू में मामला दर्ज होने के बाद कुरूदडीह के किसानों ने उनका सरकारी आवास घेर लिया था। किसानों ने बघेल से मांग की थी कि उनके परिजनों ने किसानों की जमीन पर जो कब्जा किया है, उसे खाली कराया जाए। साथ ही किसानों को उसका वाजिब हक उन्हें दिलाया जाए। बघेल ने किसानों को यह कहते हुए लौटा दिया कि वे इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। नतीजतन, घेराव करने किसान बघेल निवास से लौट आए।
मुलाकात का राजनीतिक आशय भी
रायगढ़ और बालोद का दौरा पूरा कर मुख्यमंत्री राजधानी लौट आएंगे। 16 मई को शाम 6.30 बजे का समय बघेल को मुलाकात के लिए दिया गया है। प्रदेश के इन दो विपरीत दलों के नेताओं की मुलाकात कई मायनों में दिलचस्प होगी। कुरूदडीह एक बहाना है। दरअसल, बघेल अपने खिलाफ ईओडब्लू में दर्ज मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते हैं। हालांकि सार्वजनिक तौर पर बघेल ने अपने खिलाफ ईओडब्लू में दर्ज मामले को लेकर मुख्यमंत्री को आड़े हाथ ले चुके हैं, लेकिन राजनीतिक क्षेत्र के लोगों के बयानों में कितनी संजीदगी होती है, इसका अंदाजा सभी को है।
भूपेश की मुख्यमंत्री को चिट्ठी
मेरे गृह ग्राम कुरुदडीह के कुछ किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल मेरे घर पर आया था। वे मुझसे अपनी जमीन दिलवाने की मांग कर रहे थे। मैंने उनसे समस्या के बारे में विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने बताया कि जिस जमीन की मांग वे कर रहे हैं। उसकी ऋण पुस्तिका तो उनके पास है, लेकिन उसमें तहसीलदार के दस्तखत न होने की वजह से जमीन उन्हें नहीं मिल पा रही है, उन्होंने बताया कि जिस जमीन की मांग वे कर रहे हैं वह शासकीय दस्तावेजों में घास जमीन के नाम से दर्ज है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल किसानों ने बताया कि एक बार इस ऋण पुस्तिका के आधार पर उन्हें ऋण भी मिला था, लेकिन कलेक्टर को जानकारी मिलने के बाद अनियमितता के आरोप में पटवारी को निलंबित कर दिया गया था। जो किसान मेरे पास आए थे, वे सब सीमांत कृषक हैं और उनकी आजीविका के लिए आवश्यक है कि उन्हें अतिरिक्त जमीन दी जाए। चूंकि यह मामला मेरे गृहग्राम के अलावा मेरे विधानसभा क्षेत्र पाटन का भी है, इसलिए वे चाहते थे कि मैं उनकी समस्या का निदान करूं। उनका जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं आपसे अनुरोध कर रहा हूं कि इन किसानों की समस्या के निदान की दिशा में आप तत्काल कोई कदम उठाएं जिससे कि इन सीमांत किसानों की मदद हो सके। मैंने इस प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन भी दिया है कि मैं स्वयं उनके साथ चलकर आपसे चर्चा करने का प्रयास करुंगा. अगर आप मिलने का समय दे सकें तो मैं इन्हीं किसानों को लेकर आपसे मिलने भी आना चाहूंगा, जिससे कि इन किसानों की समस्या से आप भी ठीक तरह से अवगत हो सकें। आपसे अनुरोध है कि आप अपनी व्यस्तता के बीच कृपापूर्वक थोड़ा समय निकालें।

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