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दाल और चना आवश्यक वस्तु की सूची से बाहर, फूड अफसर नहीं कर सकेंगे जांच

रायपुर. राज्य सरकार ने दालों और चने को आवश्यक वस्तु अधिनियम की सूची से बाहर करने का फैसला किया है। कारोबारी अब दालों और चने का बम्पर स्टॉक रख सकेंगे। गौरतलब है कि दाल और चने की बढती पैदावार को ध्यान में रखते हुए उसके भंडारण को लेकर केंद्र पहले ही इन्हें बाहर कर चुका है। पिछले साल देशभर में अरहर दाल करीब 200 रुपए किलो तक पहुंच गई थी। तब केंद्र ने दाल और चने के लिए 1000 क्विंटल की स्टॉक लिमिट तय की थी।

देश के दाल व्यावसायी लोगों के लिए राज्य सरकार का यह संशोधन सुखद समाचार लेकर आया है। भंडारण लिमिट तय होने के कारण कई दाल व्यावसायी परेशान थे। लेकि इस सीजन में देश में दाल और चने की बंपर पैदावार हुई है। जिसके लिए पर्याप्त भंडारण क्षमता नहीं होने से यह फैसला किया गया है। नए नियमों के तहत अब फूड अफसर दाल और चने की स्टॉक की जांच नहीं कर पाएंगे।

वर्तमान कानून के मुताबिक 1000 क्विंटल से ज्यादा स्टॉक मिलने पर इसे राजसात करने के अलावा कारोबारी को तीन साल की सजा और बड़े जुर्माने का प्रावधान था। पिछले साल दाल की कीमत बढ़ने पर छत्तीसगढ़ करीब 25 करोड़ का दाल और चना जब्त किया गया था।

दाल और चना के स्टॉक रखने की छूट देने के बाद इसकी जमाखोरी बढ़ सकती है। वे रेट भी बढ़ सकते हैं। लेकिन खाद्य अफसरों का दावा है कि पैदावार इतनी ज्यादा है कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी संभव नहीं है। विभाग के पास यह जानकारी भी रहेगी कि कारोबारी के पास कितनी दाल या चना स्टॉक में है।

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