Chhattisgarh Raipur

देश में हर तरफ दहशत का माहौल

सरकार और भाजपा पर राहुल गांधी का बड़ा हमला

रायपुर। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ पहुंचते ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि देश में यह पहली बार हो रहा है, जब हत्या का आरापी एक व्यक्ति एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल का अध्यक्ष बन बैठा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि भारत सरकार की कार्यशैली के कारण देश में डर का माहौल है। यहां सुप्रीम कोर्ट से लेकर मीडिया और यहां तक कि सांसद, विधायक भी भयभीत हैं।
दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे राहुल गांधी का गुरुवार को रायपुर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से वे इनडोर स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने जनस्वराज्य सम्मेलन को सम्बोधित किया। इस मौके पर उनके निशाने पर भाजपा की केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह रहे। उन्होंने कहा कि यहां विचारधारा की लड़ाई है। देश में संविधान पर हमला हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट से लेकर हर संवैधानिक व्यवस्था दबाव में है। मीडिया तक दबाव में है पर कांग्रेस लड़ रही है और लड़ेगी, राहुल गांधी ने कहा कि देश में संविधान पर हमला हो रहा है। जो सत्तर साल में नहीं हुआ वह अब हो रहा है, आपका हक़ आपसे छीना जा रहा है, लोकतंत्र की आवाज़ दबाने की कोशिश हो रही है। हर संवैधानिक व्यवस्था पर आरएसएस के लोग का क़ब्ज़ा हो रहा है, पर डरिए मत, हम लड़ रहे हैं और लड़ते रहेंगे। राहुल ने कहा कि कर्नाटक में जो हो रहा है, देश देख रहा है। विधायक एक तरफ़ है और राज्यपाल के तरफ।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के मीडिया कवरेज पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर दिन आठ से दस घंटे टीवी पर प्रधानमंत्री मोदी आते हैं। इसका पैसा कौन देता है? आदिवासियों की ज़मीन लेकर नीरव मोदी और अन्य लोगो को दे दी जाती है। वे लोग नरेंद्र मोदी को टीवी पर दिखाने का पैसा लेते है। उन्होंने कहा कि तानाशाही से लोकतंत्र को प्रभावित करने की कोशिश चल रही है, पर यह हो नही पाएगा, कांग्रेस जनता की आवाज़ को मज़बूती देने में जुटी हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार बनती है तो शिक्षा स्वास्थ्य रोजग़ार के सेक्टर पर मज़बूती से काम होगा।

देश के सभी संस्थानों में घुस रहा है संघ

राहुल गांधी ने कहा कि किसान कर्ज माफी के लिए कहता है तो अरुण जेटली कहते हैं कर्ज माफ करना हमारी पॉलिसी नहीं है। एक साल के अंदर 15 सबसे अमीर लोगों का ढाई लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ हो जाता है। अरुण जेटली इस पर कुछ नहीं बोलते, क्योंकि उनकी पॉलिसी वही है। हर एक इंस्टीट्यूशन को स्वयंसेवकों से भरा जा रहा है। कांग्रेस का रिकॉर्ड देख लीजिए। देश की संस्थाओं में हमने अपने लोगों को कभी नहीं भरा। हिंदुस्तान गरीबों का देश है लेकिन ये देश गरीब नहीं है।

जल-जंगल-जमीन आदिवसियों की

राहुल गांधी ने कहा कि जल, जमीन और जंगल आदिवासियों का है। इसका प्रबंधन आदिवासियों के हाथों में होना चाहिए। यही पेसा कानून का लक्ष्य था। आदिवासी अपने क्षेत्र में अपने लिए काम करें और ऊपर से उन्हें कोई आदेश न दें। महात्मा गांधी ने जब स्वराज की बात कहीं थी, तब उन्होंने कहा था कि देश के हर वर्ग की सहभागिया होनी चाहिए। लेकिन भाजपा और आरएसएस के लोग चाहते हैं कि आदिवासियों की जमीन बड़े-बड़े उद्योगपतियों को दिया जाए।

तो हम मुख्यमंत्री बदल देंगे

पंचायत प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार आएगी तो हम पंचायतीराज संस्थाओं से पूछकर कानून बनाएंगे। यदि हमारा मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करेगा तो हम उसे बदल देंगे। उन्होंने कहा कि धारा 40 प्रधानमंत्री, सांसदों और विधायकों पर लागू क्यों नहीं होती। इन पर स्पेशल ट्रीटमेंट क्यों हो रहा है। हमारी कोशिश होगी कि हम जितनी भी शक्तियां आपको दे सकते हैं, देंगे। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियो के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। ये कहा जाता है कि पंचायतीराज में वहीं व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है जो पांचवी-आठवीं पास है। ये नियम सांसदों और विधायकों के लिए क्यों लागू नहीं होता। दरअसल पंचायतीराज के अधिकारों को नौकरशाह अपने हाथ में लेना चाहते हैं।

राहुल जी, देखो छत्तीसगढ़, सीखो विकास
ट्विटर पर मुख्यमंत्री का तंज

रायपुर पहुंचकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जैसे ही एयरपोर्ट से बाहर निकले, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अधिकृत ट्विटर हैंडल से ट्विट हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने लिखा कि विकास का पहाड़ा और सुशासन का ‘क ख गÓ सीखने छत्तीसगढ़ आए राहुल गांधी, आपका स्वागत है। देखो छत्तीसगढ़, सीखो विकास।

राहुल की भाषा असंसदीय: भाजपा

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा है कि राहुल गांधी भाषाई गरिमा से दूर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे है। लोकतंत्र की परम्परा को मजबूत करने के लिए हमें हमेशा संसदीय भाषा का अनुसरण चाहिए। राहुल गांधी को अपने अतीत में जाकर अध्ययन करना चाहिए। देश ने आपातकाल दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सेंसरशिप देखा है और छत्तीसगढ़ ने कांग्रेस की भय के वातावरण वाली सरकार देखी है। उस समय लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कितना दबाव सरकार का था सब जानते है। कौशिक ने कहा कांग्रेस ने नारा दिया है वक्त है बदलाव का जिसे देश की जनता सच करती दिख रही है। जिसका एक ताजा उदाहरण है कर्नाटक, जहां जनता ने कांग्रेस को परास्त कर बदल दिया है। उन्होंने कहा राहुल गांधी केवल काल्पनिक बातें कर देश को दिग्भ्रमित करने में लगे हुए हैं, जिसका जवाब लगातार देश की जनता कांग्रेस को दे रही है। घटते जनाधार के बीच लगता है कि राहुल गांधी मानसिक रूप से परेशान है इसलिए वे जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे है। इससे लगता है कि उन्हें आने वाले दिनों में विशाल पराजय का भय

भाजपा से नहीं, बल्कि राहुल मुझसे लडऩे आए हैं: जोगी

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ सुप्रीमो अजीत जोगी ने कहा है कि ‘राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ आने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि प्रदेश का माहौल जोगीमय है। अजीत जोगी ने कहा कि ‘प्रदेश का माहौल जोगी और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के पक्ष में है और इसमें कोई फर्क नहीं आने वाला हैÓ।

राहुल गांधी के दौरे पर उन्होंने कहा कि ‘राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा भाजपा के खिलाफ नहीं बल्कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के खिलाफ हैÓ। जोगी ने कहा कि ‘राहुल गांधी सीतापुर जा रहे हैं जबकी उससे कुछ ही दूरी पर जशपुर मौजूद है जो की भाजपा का गढ़ है, लेकिन वे वहां नहीं जा रहे हैं। जोगी ने कहा कि ‘राहुल गांधी दुर्ग जा रहे हैं लेकिन उसने महज आठ किलोमीटर की दूरी पर राजनांदगांव लगता है जो कि मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र और भाजपा का गढ़ है लेकिन राहुल गांधी वहां भी नहीं जा रहे हैंÓ। हीरासिंह मरकाम के राहुल गांधी की सभा में शामिल होने की बात पर जोगी ने कहा कि ‘वे दोनों भाई हैं। जोगी ने कहा कि मरकाम बड़े भाई है और वे छोटे भाई है। लेकिन अब ये वही बता सकते हैं कि उनका कांग्रेस की सभा में जाना कितना सही है और कितना गलत।

 

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