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 ‘नर-नारी’ खींच रहे छत्तीसगढ़ के किसानों का ध्यान

रायपुर। गर्मियों के इस आग उगलते मौसम में भी छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल इलाकों में ‘हरित क्रांति’ की रौनक देखी जा रही है, जो किसानों की आर्थिक समृद्धि का एक बड़ा जरिया बनेगी। राज्य सरकार ने उन्हें भरपूर पैदावार के लिए धान के उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने की योजना बनायी है। इसके तहत विभिन्न जिलों में नयी प्रजातियों के धान बीजों की खेती की जा रही है। धमतरी जिले के आदिवासी बहुल ग्राम चनागांव में भी चालू रबी मौसम के दौरान आदिवासी किसान बलराम नेताम सहित नौ किसानों के खेतों में ‘नर-नारी’ नामक धान की एक नयी किस्म की खेती कर रहे हैं, जो किसानों का खूब ध्यान खींच रही है। इन्हें मिलाकर धमतरी जिले में एक हजार 635 किसान उन्नत धान बीजों के लिए एक हजार 522 हेक्टेयर में संकर नस्ल के बीजों की पैदावार ले रहे हैं। इनमें से 195 किसान विकासखंड नगरी के हैं। वे उन्नत बीजों के लिए विकासखंड के अपने 183 हेक्टेयर खेतों में संकर नस्ल के धान की पैदावार ले रहे हैं।

चनागांव के बलराम नेताम का कहना है- नयी फसल के लिए खेतों में बीज उत्पादन एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसमें अपेक्षाकृत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती हैं, इसके बावजूद नेताम काफी मेहनत से इसकी फसल ले रहे हैं। प्राथमिक शिक्षा प्राप्त नेताम ने बताया – एक निजी कम्पनी के पावडर का घोल बनाकर वे प्रतिदिन सुबह आठ से दोपहर तीन बजे बीच उसका छिड़काव खेतों में करते हैं। इससे पौधों की बढ़त के साथ-साथ परागण (धान के फूल) की संख्या में भी काफी वृद्धि होती है। इन फूलों को बांस या रस्से के माध्यम से बालियों में दूध आने तक हिलाया जाता है। उन्होंने बताया कि ‘नर-नारी’ धान से प्रति एकड़ 15 से 20 क्विंटल धान का उत्पादन होगा, जिसमें से लगभग आठ क्विंटल नारी धान के बीज को कंपनी द्वारा छह हजार रूपए प्रति क्विंटल की दर से लिया जाएगा, जबकि शेष बचे 9-10 क्विंटल धान बीज को बाजार में 1300 से 1500 रूपए प्रति क्विंटल के मान से बेचा जाएगा। इस प्रकार 62 हजार रूपए से ज्यादा आमदनी होगी और 35 हजार से 50 हजार रूपए तक प्रति एकड़ शुद्ध आय मिलेगी।

15 सौ रुपए प्रति एकड़ अनुदान भी

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार उन्नत धान बीज उत्पादन कार्यक्रम में विभाग की हरित क्रांति विस्तार योजना से 1500 रूपए प्रति एकड़ में किसानों को बीज उत्पादन अनुदान भी मिलेगा। इतना ही नहीं, बलराम के अलावा ग्राम के नौ अन्य किसानों ने भी ‘नर-नारी‘ वेरायटी के धानबीज की पैदावार ले रहे हैं। इस तरह वनांचल क्षेत्र में भी निवासरत किसान हरित क्रांति से जुड़कर नवाचार अपना रहे हैं जो अपने आप में उपलब्धि है।

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