Chhattisgarh dhamtari

पानी की बंूद-बूंद के लिए भटकते रहे लोग

धमतरी। सोमवार की सुबह से 11 बजे तक जिला अस्पताल में मरीज और उनके परिजन पानी की बंूद-बूंद के लिए भटकते नजर आये। शौचालयों में न पानी आ रहा था और न ही टोटियों से पानी निकल रहा था। पूरे अस्पताल परिसर में कहीं पानी नहीं मिलने से लोग अस्पताल के बाहर पानी लेने के लिए भटकते नजर आये। लोग इतना परेशान हो चुके थे कि उन्हें खुले में ही शौच करना तक पड़ गया।
जिला अस्पताल धमतरी में रोजाना सैकड़ो लोग इलाज के लिए पहुंचते है। धमतरी ही नहीं बल्कि यहां आसपास के जिले कांकेर, बालोद, दुर्ग, बस्तर, गरियाबंद से भी लोग इलाज के लिए पहुंचते है। जिला अस्पताल में सभी वार्डाे में मरीज और उनके परिजनों के लिए शौचालय की व्यवस्था है। सभी जगहों पर पाईप लाईन के जरिये पानी की 24 घंटे सप्लाई सुविधा रखी गई है, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। इसके बावजूद लोगों को कई दफे पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। जिला अस्पताल में पहुंची चिचबोड़ की रहने वाले सबाना साहू, पेन्डरवानी की गायत्री साहू, भखारा की सीता यादव की माने तो वे जचकी वार्ड में भर्ती अपने परिजन के साथ पहुंची थी। रात में प्रसव हुआ, तो हाथ कपड़ा धोने के लिए सभी वार्डाे में घूमते रहे, लेकिन कहीं भी पानी नहीं मिला। इतना ही नहीं अस्पताल के किसी भी टोटी में पानी नहीं निकल रहा था। जिसके कारण उन्हें बाहर से पानी बाल्टी में लाना पड़ा। इसके अलावा अन्य महिलाओं का कहना था कि सुबह अक्सर सभी मरीज और परिजन बाथरूम जाते है, लेकिन पानी नहीं होने के कारण काफी परेशानियों का सामना उन्हें करना पड़ा। अधिकतर मरीजों ने नालियों में ही खुले में शौच कर राहत की सांस लिया। बताया गया है कि जिला अस्पताल के पम्प ऑपरेटर की लापरवाही के कारण इस तरह की स्थिति बनती है। भाजपा शहर मण्डल अध्यक्ष श्यामा साहू की माने तो अस्पताल में लोगों को पानी के लिए खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में मरीज और उनके परिजनों को गर्म पानी देने के लिए उपकरण भी लगाया गया है, लेकिन वहां से मरीजों को पानी नहीं दिया जाता है, जिसके कारण अधिकतर मरीज भटकते रहते है। उनके कैन्टिन में मरीजों को नि: शुल्क गर्म पानी दिया जाता है। श्रीमति साहू की माने तो सरकार स्वच्छता अभियान चला रही है। लोग खुले में शौच न करे इसके लिए घर-घर शौचालय बनाया जा रहा है, लेकिन यहां शौचालय और तमाम व्यवस्था होने के बाद भी मरीज खुले में शौच करने मजबूर है। इसके लिए जिम्मेदार आपॅरेटर के खिलाफ कार्यवाहीं की मांग उन्होंने की है। यह एक दो बार की नहीं बल्कि अक्सर कई बार ऐसा होता है। हालांकि इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डीके तुर्रे का कहना है कि उन्हें भी इसकी सूचना मिली थी। जिसके बाद सिविल सर्जन से उन्होंने चर्चा किया है। डॉ. तुर्रे ने ऐसे लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाहीं भी किये जाने की बात कहीं है।

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