Chhattisgarh Politics

भूपेश ने फिर साधा एडीजी मुकेश गुप्ता पर निशाना, पद से हटाने की मांग

रायपुर। जमीन कब्जे के विवाद से घिरे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सोमवार को दस्तावेज सार्वजनिक करने के बाद आज फिर मानसरोवर ज़मीन मामले में दस्तावेज़ और साक्ष्य मीडिया के सामने रखे। पेश किए। उन्होंने इसी मामले में उन्होंने एडीजी मुकेश गुप्ता के खिलाफ तथ्य रखते हुए उन्हें ईओडब्लू से हटाने की मांग की।
उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, कांग्रेस ने गत 14 मई को ईओडब्लू के प्रमुख मुकेश गुप्ता के नेहरू नगर स्थित भूखंड का मामला उठाया था जिसकी रजिस्ट्री अवैधानिक ढंग से करवाई गई है। इस मामले में अगले दिन यानी 15 मई को मुख्यमंत्री रमन सिंह को एक पत्र लिखकर मैंने पूरे मामले से अवगत करवाया था और उनसे अनुरोध किया था कि वे मुकेश गुप्ता के इस अवैधानिक सौदे को तत्काल रद्द करें और चूंकि यह आर्थिक अपराध का मामला है इसलिए उनके खिलाफ भी ईओडब्लू में मामला दर्ज करें तथा उन्हें पद से तत्काल हटाएं।
बघेल ने कहा कि अपने मित्र की शिकायत पर दो दिनों के भीतर मेरी ज़मीन नपवाने वाले मुख्यमंत्री रमन सिंह जी ने पंद्रह दिनों में कार्रवाई करना तो दूर इस पत्र का जवाब देना तक मुनासिब नहीं समझा। ‘मैं जज नहीं हूं, कानून अपना काम करेगा’ कहने वाले मुख्यमंत्री इस मामले में आश्चर्यजनक ढंग से जज बन बैठे हैं। उनका न्याय राजनीतिक होता है यह तो पहले से पता था लेकिन इस बार फिर उनका असली चेहरा सामने आ गया है।
वहीं एडीजी गुप्ता पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस ख़बर के बाद मुकेश गुप्ता ने विदेश से भेजे अपने जवाब में इस बात की तो सफ़ाई दी थी कि साडा के पदेन सदस्य रहते हुए उन्हें सब्सिडी का भूखंड लेने का अधिकार था लेकिन यह नहीं बताया कि उन्होंने साडा भंग होने के बाद जो रजिस्ट्री करवाई क्या वह अवैधानिक नहीं थी? जवाब देने में मुकेश गुप्ता ने तत्परता तो दिखाई और विदेश में रहते हुए अपना जवाब भेजा लेकिन जवाब देने में ईमानदारी नहीं दिखाई।
कांग्रेस की मांग है कि मुकेश गुप्ता बताएं कि उन्होंने साडा भंग होने के बाद अपनी ज़मीन की रजिस्ट्री करवाई? क्या यह पद और प्रभाव का दुरुपयोग नहीं था? यदि छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अन्य फ़ैसले में साडा भंग होने के बाद की गई रजिस्ट्री शून्य को घोषित कर दिया था तो मुकेश गुप्ता की रजिस्ट्री शून्य क्यों घोषित नहीं होनी चाहिए। चूंकि मामला आर्थिक अपराध का है, कांग्रेस इस मामले को ईओडब्लू को जांच के लिए सौंपेगी और सरकार से उम्मीद करेगी कि वह इस पर तत्काल कार्रवाई करें।
बघेल ने कहा चूंकि मुकेश गुप्ता स्वंय ईओडब्लू के प्रमुख हैं और अपने मामले की जांच नहीं कर सकते इसलिए पारदर्शी जांच के लिए उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। वे कह रहे हैं कि 2006 में 42 लाख में हुए ज़मीन के सौदे की सूचना सरकार को दे दी थी तो उन्हें इसके प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए।

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