Chhattisgarh Gariaband

मनरेगा का काम एक नबंर का, बिल दो नबंर का : सरपंच

छुरा। गरियाबंद जिला में मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों के द्वारा कराये गये विभिन्न निर्माण कार्यो में किये लपारवाही भ्रष्ट्राचार के अनेकों मामला जैसे सारागांव, लोहझर वृक्षारोपाण, सड़क, तालाब, पचरीकरण कार्य व मैनपुर जनपद क्षेत्र के अनेक ग्राम पंचायतों में किए गए भ्रष्ट्राचार का मामला उजागर होने के बाद भी शासन प्रषासन तंत्र मौन है। जिसके कारण भ्रष्ट्राचारीयों के हौसले बुलंद है। रजनकटा पंचायत ने तो हद ही कर दिया। गरियाबंद जिले से बाहर धमतरी जिला से मटेरियल की खरीदी कर बता दिया किए जो मन चाहे वह सब करो कुछ बिगडऩे वाला नहीं है। नियम कानून को ताक में रखकर काम कर लोए राजकोष को नुकसान में डालकर अपनी शान समझने वाले अनेको सरपंच सचिव और अधिकारी कर्मचारी है। छुरा जनपद पंचायत के आश्रित ग्राम पंचायत रूवाड़ में भी लाखों में एक हैए जहां महात्मा गंाधी राष्टीय रोजगार गांरटी योजना के तहत वर्ष 2016 में चार सड़क निर्माण का कार्य हुआ। सड़क निर्माण कार्य में सरपंच तोताराम नागेष एवं सचिव बंषी ध्रुव ने स्थानीय ट्रेक्टर से मुरम मिट्टी ढुलाई का काम करवायाए स्थानीय टेऊक्टर मालिको को पचासए साठए सत्तर हजार रूण् की एक मुष्त नगर भुगतान भी अपने हाथों से किया। ट्रेक्टर मालिक रायसिंगए सीतारामए रेवारामए ने बताया किए साहब गा्रंव में ही सात ट्रेक्टर हैए सभी टेऊक्टर काम किया हैए सभी लोगों को नगद भुगतान सरपंच सचिव द्वारा पंचायत भवन में किय गया है। प्रति ट्रेक्टर मुरम दो सौ चालीस रूण् की दर से किया गया हैए हम लोगों को न चेक से न बैंक खाता में भुगतान हुआ है। सरपंच सचिव व रोजगार सयाहयक द्वारा कोई बिल हम लोग से नहीं लिया गया हैए अगर बिल मनरेगा शाखा में लगाकर चेक से भुगतान लिया गया होगा तो पैसा खाने के लिये ही इस तरह किया गया होगाएइसकी जांच होनी चाहिए। ग्राम पंचायत रूवाड़ में सड़क निर्माण में मुरम ढुलाई केनाम पर जबरदस्त फर्जीवाड़ा का खेल खेला गया हैए जिसके चलते ही इस फर्जीवाड़ा के खेत में राजकीय कोष को हजारों लाखों रूण् का चूना लगाया गया है। इस बड़े घालमेल एक वर्मा मटेरियल सप्लायर ग्राम कसहीबाहरा छुरा का बिल लगा हुआ है। इसके पास मात्र एक ट्रेक्टर हैए और इस ट्रेक्टर से वर्ष 2016 में सत्रह ग्राम पंचायतों में तीस से चालीस लाख रूण् का मुरमए रेतए सीमेंटए गिट्टी खाद् ढुलाई का कार्य करने का बिल लगाकर स्टेट बैंक खाता 30934627233 से भुगतान मनरेगा शाखा से प्राप्त किया है। फर्म वर्मा मटेरियल किसी भी पंचायत में कोई काम नहीं किया हैए सिर्फ ग्राम पंचायतों को 6 प्रतिषत कमीषन में बिल बांटकर चेक लिया पूरी रकम अपने खाते में डलवाकर राषि बैंक से आहरण यकर नगद राषि सरपंच सचिव को देता थाए सरपंच सचिव कम दर पर स्थानीय टेऊक्टर मालिकों को भुगतान करता था। सरपंच सचिव के लिए स्थानीय लोगों से पैसा वापस लेना टेड़ी खीर होता। भ्रष्ट्राचार उजागर होने की डर से बिना काम करने वाले फर्म का बिल लगाकर बड़ी होषयारी से काम किया गया। मुरम ढुलाई करने वाले स्थानीय ट्रेक्टर मालिकां से 240 रूण् में बात कर भुगतान किया गया। जबकि फर्जी बिल में 390 रूण् 422 रूण् प्रति टेऊेक्टर मुरम ढुलाई का बिल लगाकर भुगतान पाया गया। एक तरफ दर में बढ़ाया गयाए एवं ट्रिप में बढ़ाकर बिल लगाया गया। भ्रष्ट्राचार करने के लिये नया.नया तरीका अपनाया गया। आरण्टीण्आईण् के तहत हुये खुलासे से चलाकी और तरीका धरे का धरे रह गया अब सरपंच सचिव सफाई देने लगे हैं। अपने आप को पाक साफ बताने के लिये काम को गुणवत्ता की बात रहे हैं।
काम से मतलब बिल से क्या लेना देना : तोताराम

छुरा ग्राम पंचायत रूवाड़ के सरपंच तोताराम नागेष ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य एक नबंर में हुआ है, भले बिल दो नबंर का है, सरकार और जनता को काम से मतलब बिल किसका और कहां का लगता है, उससे क्या मतलब, सड़क निर्माण कार्य हुआ है।
सचिव बंशी ध्रुव ने बताया कि वर्मा मटेरियल सप्लायर काम नहीं किया है, स्थानीय लोगों का ट्रेक्टर काम किया है। बिल वर्मा का लगा हैए वर्मा अपना कमीशन कांट कर शेष रकम दिया जिसे ट्रेक्टर मालिकों को भुगतान किया गया। बिल में सरपंच और मेरा हस्ताक्षर है।
आरटीआई कार्यकर्ता मनोज सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्मा मटेरियल के पास एक ट्रेक्टर मुण्डी हैए ट्राली का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है, उनके द्वारा मटेरियल सप्लाई का काम नहीं होता है तो सिर्फ बिल सप्लाई कर चेक लेना आहरण कर अपना कमीषन काटकर सरपंच सचिव को नगद राषि वापस सप्लाई करने का धंधा है। कमीषन खोरी के चलते बेवजह वर्मा मटेरियल एक-एक पंचायतों से 70-80 हजार
रुपए कमाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *