mukhiya-ke-mukhari-1
Chokhelal

मुखिया के मुखारी- 23 नवंबर 17

इंडिया राइटर्स (मासिक पत्रिका) की प्रस्तुति रायपुर, 23 नवंबर 17

मुखिया के मुखारी

चोखेलाल ने कल ही कहा था कि छत्तीसगढ़ एक अनूठा राज्य है। निसंदेह यह एक अनूठा राज्य है। इसलिए कि यहां के मुख्यमंत्री पार्टी की बड़ी बैठक में सार्वजनिक रुप से अपनी पार्टी के पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं से अपील करते हैं कि सालभर के लिए तो कमीशनखोरी बंद कर दो। चूंकि जैसा कि उनकी पार्टी की परंपरा है, जब प्रधानमंत्री से लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी के निर्देश और बातें अनसुनी करने का माद्दा इस राज्य के मंत्रियों-सांसदों में है तो मुख्यमंत्री तो उनके लिए घर के ही हैं, वाली बात है। संभवत: मंत्रीगण आपसी बातचीत में इसे ऐसे व्यक्त करते होंगे कि ‘सीएम हैं, बोलते ही रहते हैं आए दिन कुछ न कुछ, कितना सुनें’।

अनूठा राज्य इस मायने में भी है कि कमीशनखोरी जमकर हो रही है, यह सार्वजनिक रुप से दफ्तरों में सुना जाता है कि ‘उपर तक देना पड़ता है’। अब यह कितने उपर तक देना होता है यह तो ज्ञात नहीं लेकिन जब कोई गड़बड़ हो जाती है तो उपरवालों पर आंच नहीं आती, लेकिन ठीकरा जरुर नीचे वालों पर फूट जाता है। सहकारिता विभाग के अंतर्गत मार्कफेड में धान खरीदी में पिछले 5 सालों में हुए शॉर्टेज का ठीकरा निचले स्तर के कर्मचारियों पर फोड़ दिया गया है। अब 100 से ज्यादा कर्मचारियों से 50 करोड़ से अधिक की वसूली की जाएगी। जो भ्रष्ट कर्मचारी होंगे वे तो 2 करोड़ रुपए तक तो दे ही देंगे, लेकिन जो भ्रष्ट न होगा वह कर्मचारी कहां से लाएगा करोड़ों रुपए। अब कमीशन उपर तक जाता है ऐसी बात दफ्तरों में खुलेआम कही जाती है। तो जब कमीशन उपर तक जाता है तो सिर्फ नीचे वालों से वसूली क्यों, उपर वाले सिर्फ तर माल खाने के लिए हैं। इसे ही कहते हैं ‘राम राज’। यह राम राज’ ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के लिए ही है। नीचे वालों के लिए तो रमन राज है, जहां करे कोई भरे कोई चलता है।
मंत्री की तो यह स्थिति है कि उनके अपने गृह जिले की विपणन समिति में लाखों का भ्रष्टाचार सामने आया है जिसकी जांच के आदेश कलेक्टर ने दिए हुए हैं। चोखेलाल ने सुना था, इस समिति वाले भी यही कहते थे कि ‘उपर तक देना पड़ता है’। मंत्री के करीबी अलग इधर पत्रकारों को धमकाते फिर रहे हैं कि खत्म कर देंगे। फ्रांस तक घूम आने वाले पर्यटन मंत्री बस्तर और सरगुजा में कितने दिन गुजार सके हैं, यह उनसे कभी न पूछे कोई। फ्रांस से घूम कर आने के बाद मंत्री ने एक एकदम ही नई जानकारी छत्तीसगढ़ के पढ़े लिखे लोगों को दी थी कि फ्रांस में तो अंगूर से शराब बनती है। अनूठे राज्य छत्तीसगढ़ में पर्यटन मंडल के नाम से एक फार्चूनर गाड़ी आवंटित है, लेकिन उसका इस्तेमाल मंत्री कर रहे हैं, कोई पूछने वाला भी नहीं है, इनके लिए राम राज है।

पार्टी संगठन ने चार महीने पहले जिस तरह से आधे विधायकों के टिकट काटने के संकेत दिए हैं, उनमें इन मंत्री का नाम टॉप फ़ाइव पर है, क्योंकि मंत्रीमंडल विस्तार के वक्त जातीय समीकरण के चलते उन्हें मंत्री पद भले ही हासिल हो गया हो लेकिन बीते दो सालों में सहकारिता और पर्यटन विभाग की जिस तरह से दुर्दशा हुई है, उससे मुख्यमंत्री की पेशानियों पर बल पड़ गए हैं और निश्चित रुप से उन्हें अपने इस फैसले पर अफसोस होता होगा।

चोखेलाल
—————–
आपसे आग्रह: कृपया चोखेलाल की टिप्पणियों पर नियमित रूप से अपनी राय व सुझाव दें, ताकि इसे बेहतर बनाया जा सके।
—–
इंडिया रायटर्स (मासिक पत्रिका) की प्रस्तुति चोखेलाल की चोखी बात अब रोज वेबसाइट पर भी।
मुखिया के मुखारी में व्यवस्था पर चोट करती चोखेलाल की आक्रामक टिप्पणियों के लिए पढ़िए www.chhattisgarh.co

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *