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मुखिया के मुखारी

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इंडिया राइटर्स (मासिक पत्रिका) की प्रस्तुति             रायपुर, 21 अप्रैल 17

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद पूरे देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण का दौर चल रहा है। पूरा देश मुसलमान और गैर मुसलमानों के बीच बंटता जा रहा है। देखा जा रहा है कि तीन तलाक, हलाला, अजान जैसे मुद्दों पर बयान देकर राजनीतिक व सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले ही नहीं बल्कि फिल्मी कलाकार व खिलाड़ी भी मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल हो रहे हैं।
इस माहौल के विपरीत छत्तीसगढ़ की राजनीति अपनी अलग ही दिशा में चल रही है। मुस्लिम व गैर मुस्लिम जैसे मुद्दे यहां असरकारी नहीं हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ की यह तासीर नहीं रही। यहां गंगा-जमुनी संस्कृति को मानने वाले हैं इसलिए यहां के नेता इन प्रपंचों से दूर रहकर अपनी अलग तरह की राजनीति में व्यस्त रहते हैं। खासकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की व्यस्तता इन दिनों बढ़ी हुई है क्योंकि इस बार उन्होंने एक साथ जोगी पति-पत्नी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चिट्ठियों के माध्यम से वे अपनी बातें जोगी दम्पति तक पहुंचा रहे हैं। चिट्ठियां लिखने की कांग्रेस की पुरानी परम्परा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष उसी परम्परा का निर्वहन कर रहे हैं। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष ने अजीत जोगी को चिट्ठी लिखी और फिर उसे मीडिया को सौंप दी। इसमें उन्होंने जोगी के प्रति अपना पूरा द्वेष निकाला है। उन्होंने बस यह नहीं कहा कि जिस तरह जोगी अपनी पत्नी और पुत्र को राजनीति में स्थापित किया है, वह नहीं कर पाए अलबत्ता जोगी सरकार में प्रभावशाली मंत्री रहे कांग्रेस अध्यक्ष की जोगी से क्या खुन्नस है यह तो कोई नहीं जानता पर यह साफ होता जा रहा है कि जोगी पिता-पुत्र को कांग्रेस से बाहर कराने के बाद भी उनका मन नहीं भरा है और अब उन्होंने जोगी की विधायक पत्नी को अपने निशाने पर ले लिया है।
आमने-सामने जोगी पत्नी को भाभी कहकर सम्बोधित करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष ने बीते दिनों एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनका सार्वजनिक रूप से अपमान किया। उन्होंने जोगी पत्नी को मंच पर स्थान नहीं दिया और इसके तुरंत बाद उन्होंने जोगी पर कटाक्ष करते हुए यह कह दिया कि जो अपनी पत्नी को नहीं सम्भाल सकता, उससे क्या उम्मीद की जाए। यह बात जोगी पत्नी को आहत कर गई और उन्होंने तुरंत एक लम्बी-चौड़ी चिट्ठी पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दी। इसमें उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
बहरहाल कांग्रेस अध्यक्ष और अजीत जोगी के बीच चल रहे इस विवाद को सत्तारूढ़ दल के नेता दर्शक की तरह देख रहे हैं। सत्तारूढ़ दल अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों में लगी हुई है पर कांग्रेस इससे बे-परवाह है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पूरी पार्टी की चिंता और चुनाव की तैयारियों को छोड़कर व्यक्तिगत लड़ाई में अपना वक्त जाया कर रहे हैं। वैसे भी कांग्रेस ने संगठन चुनाव का ऐलान कर दिया है, जिसके बाद प्रदेश में अब कार्यवाहक अध्यक्ष काम करेंगे। यही हाल रहा तो अक्टूबर में पार्टी हाईकमान प्रदेश को एक नया अध्यक्ष देने से पीछे नहीं हटेगी क्योंकि उसके एजेंडे में चुनाव है, व्यक्तिगत लड़ाई नहीं। ऐसे में अध्यक्ष को अपनी कार्यप्रणाली बदलने की जरूरत है वरना कांग्रेस को अगला चुनाव नए अध्यक्ष के नेतृत्व में लडऩा पड़ेगा।
                                                                                                                                                                                         चोखेलाल
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