Chokhelal

मुखिया के मुखारी

 इंडिया राइटर्स (मासिक पत्रिका) की प्रस्तुति                 22 मार्च 17
विधानसभा के सत्र बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और इनमें भी सर्वाधिक महत्वपूर्ण बजट सत्र होता है क्योंकि इस सत्र में ही विभागों को अगले साल के लिए राशि मिलती है। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सभी सरकारी मुलाजिमों की छुट्टियां निरस्त कर दी जाती हैं और विशेष अवकाश का ही प्रावधान होता है। सत्र के दौरान मंत्रियों और विधायकों की व्यस्तता बढ़ जाती है। सत्तापक्ष के मंत्रियों व विधायकों की सदन में मौजूदगी आवश्यक होती है।
ऐसे महत्वपूर्ण समय पर अगर कोई मंत्री लगातार कई दिनों तक सदन से गायब रहे तो सवाल खड़े होना लाजिमी है। इस समय विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और दो भारी भरकम विभागों का दयित्व सम्भालने वाले एक मंत्री होली से पहले कई दिनों तक सदन में नहीं दिखाई दिए। स्वाभाविक था कि उनके बारे में सवाल पूछे गए। सत्ता पक्ष से जवाव आया कि गोवा में भाजपा की सरकार बनने पर वहां होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए मंत्रीजी गए हैं। सत्तापक्ष ने सोचा कि जवाब संतोषजनक है इसलिए विपक्ष खामोश हो जाएगा परंतु विपक्ष के कुछ जिज्ञासु व खोजी विधायकों ने इसकी पड़ताल की तो मामला ही कुछ और निकला।
मुख्यमंत्री के दत्तक पुत्र के नाम से विख्यात यह मंत्री आधिकारिक तौर पर तो गोवा गया था लेकिन हकीकत में उन दिनों उसकी लोकेशन चीन बताई जा रही थी। सत्र के दौरान चीन यात्रा के पीछे का राज जानने की कोशिश की गई तो पता चला कि बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 45 लाख परिवारों को स्मार्ट फोन बांटने की जो घोषणा की है, उसका सौदा करने के लिए दत्तक पुत्र को चीन भेजा गया है। दरअसल मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यह चर्चा होने लगी थी कि राज्य की भाजपा सरकार ने अदानी व अम्बानी जैसे उद्योग समूहों को उपकृत करने के लिए यह घोषणा की है। 45 लाख स्मार्ट फोन खरीदकर भाजपा सरकार अगले चुनाव के लिए इन उद्योग समूहों से चंदे के रूप में बड़ी रकम लेना चाहती है। हालांकि सरकार ने इस बातों का कोई जवाब नहीं दिया पर अपनी तैयारियां शुरू कर दीं क्योंकि उसने वादा किया है कि इस साल नवम्बर तक स्मार्ट फोन बांट दिए जाएंगे।
स्मार्ट फोन के लिए बड़ी राशि चाहिए और बजट में इसका प्रावधान भी किया गया है लेकिन हिंदुस्तान के मुकाबले चीन में सस्ते स्मार्ट फोन मिलते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने सबसे ज्यादा विश्वसनीय मंत्री को इस काम में लगाया और उसे चीन रवाना कर दिया। सरकार को मालूम है कि चीन में बनने वाले स्मार्ट फोन खूबसूरत होते हैं और कम से कम एक साल तक तो वे चलेंगे। इसलिए सरकार ने देश की टेलीकॉम कम्पनियों को काम देने से बेहतर चीन पर भरोसा किया और वहां सौदेबाजी शुरू कर दी। दत्तक पुत्र ने चीन जाकर किससे क्या सौदा किया है, इसकी जानकारी अब तक बाहर नहीं आई है लेकिन सत्र समाप्त होने के बाद चीन की कुछ टेलीकॉम कम्पनियों के प्रतिधिमंडल राजधानी आने की तैयारी में हैं ताकि उनसे स्मार्ट फोन के लिए राज्य सरकार अनुबंध कर सके।
चीनी माल का देश में क्या हाल है, यह बताने की जरूरत नहीं है। कुछ महीने पहले तक तो भाजपा की केंद्र सरकार ही चीनी सामानों का विरोध कर रही थी ताकि बाबा रामदेव के प्रॉडक्ट्स बाार में अपना स्थान बना सकें, परंतु अब परिस्थितियां बदली हैं औ्र भाजपा की राज्य सरकारें की स्वदेशी की अनदेखी करके चीनी सामानों को सरकारी योजनाओं में शामिल कर रही हैं। देखना होगा कि राज्य सरकार किस चीनी टेलीकॉम कम्पनी के साथ अनुबंध करती है और उसके स्मार्ट फोन मतदान के दिन तक काम कर पाते हैं अथवा नहीं।
चोखेलाल
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