India Uncategorized

मुश्लिम दूल्हों को काजी समझाएंगे तीन तलाक का रास्ता न अपनाएं

मुश्लिम दूल्हे अब विवाह विच्छेद करने के मामले में तीन तलाक का रास्ता नहीं अपनाएं, यह समझाइश अब काजी दूल्हों को देंगे। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह काजियों को मशविरों जारी करेगा। निकाह कराते समय, निकाह कराने वाला व्यक्ति दूल्हे को सलाह देगा कि मतभेद के कारण तलाक की स्थिति उत्पन्न होने पर वह एक ही बार में तीन तलाक को न अपनाएं।

हलफनामे में कहा गया है, निकाह कराते वक्त, निकाह कराने वाला व्यक्ति दूल्हा और दुल्हन दोनों को निकाहनामे में यह शर्त शामिल करने की सलाह देगा कि उसके पति द्वारा एक ही बार में तीन तलाक की परंपरा को अलग रखा जायेगा।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने न्यायालय में दाखिल एक हलफनामे में कहा है कि अपनी वेबसाइट, प्रकाशनों और सोशल मीडिया के माध्यम से काजियों के लिये यह मशविरा जारी करने का फैसला किया गया है कि वे निकाहनामे पर दस्तखत करते वक्त दूल्हों से कहा कि मतभेद होने की स्थिति में एक ही बार में तीन तलाक का मार्ग नहीं चुने क्योंकि यह शरीयत में एक अवांछनीय परंपरा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *