Chhattisgarh Gariaband

मृत व्यक्ति पर कृषि विभाग मेहरबान

छुरा। साहब धरती मे सूखा पडां है धरती मे रहने वालो को सूखा राहत का धान बीज मिलना चाहिये, कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी को कैसे मालूम कि स्वर्ग मे भी सूखा पड़ा है ? मेरा बाप बिशनाथ पिता धनसिगं कमार निवासी सातधार ग्राम पंचायत पतोरादादर जो कि 2013-14 में जिनकी मृत्यु हो गया अब मेरा पिता कभी वापस आया नही है लेकिन कृषि विभाग गरियाब़ंद बता रहा है कि बिशनाथ कमार 2016 में आया था अवर्षा के कारण सूखा पडां था राहत के रुप मे धान बीज लेकर गया है , समझ नही आता कि मरने के तीन साल बाद मेरे पिता आ गया हम लोग से नही मिला ,मिला तो कृषि विभाग के साहब लोगो से मिला धान बीज लेकर गया शायद स्वर्ग में सूखा पडां रहा होगा इसलिए कृषि विभाग ने स्वर्गवासीयो को सूखा राहत देने के लिये बुलाया होगा मेरे पिता बिशनाथ कमार हमारे पास न आया हे न धान बीज को लाया है , ये तो कृषि अधिकारी जाने ओर मेरे मृत पिता बिशनाथ जाने उन दोनो के बीज की बात है, कृषि विभाग की लिला अपरमपार है साहब मै ओर अधिक क्या बोलू भगवान ही जाने ? गरियाब़ंद कृषि विभाग ने ऐसा भ्राष्टाचार का गंदा खेल खेला है कि इस जिले की छबि को धूमिल करने में कोई कोर कसर छोडां नही है, आत्मा योजना अन्तर्गत कामेर भौदी के मृत कृषक रम्मू राम को मक्का बीज रसानिक खाद पोटाश युरिया वितरण मृत होने के दो साल बाद वितरण बताकर कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया गया ,अब तो ओर भी हद हो गया जब पतोरादादर के कमार कृषक बिशनाथ को 2016 में सूखा राहत के तहत धान बीज वितरण करना बताया गया जबकि बिशनाथ कमार की मृत्यु तीन साल पहले ही हो गया । बिशनाथ के पुत्र बिशालू कमार ,एवं ग्रामीणो ने बताया कि बिशनाथ 2016 में जिदां नही है तो बीज कैसे लाया ,जो सूची बना है इसें आफिस मे बैठकर बनाया गया है इधर जिदां है उनको सूखा राहत नही मिल रहा है ओर मुर्दों को बीज खाद वितरण कर दिया गया है। पूरे मामले की जाचं होनी चाहिये दोषियों पर कडी कार्यवाही होना चाहिए, कामेर भौदी मे मृत किसान को खाद बीज बांटने का मामला का उजागर हुआ फिर भी कार्यवाही शून्य रहा है ,भ्राष्टाचार से भरा पडां जिला बन गया है, अधिकारी भी मौन राजनेता भी मौन इसलिए योजनाओं का भरपूर लाभ मर चुके लोग उठा रहे है ? गरियाब़ंद जिले के लिये विडंबना की बात है कि सैकडों की तदात में भ्राष्टाचार के मामले साक्ष्य ,सबुतो के साथ खुलासा होने के बाद भी कुछ नही होना ही दर्शाता है कि जिले मे भ्राष्टाचार के मामले मे रामराज्य हे, । कृषि विभाग फिगेश्वर ने मीनी किट वितरण दलहन तिलहन का वितरण नही होना बताया जब उक्त बीज का सप्लाई हुआ है ,इसी तरह गरियाब़ंद मे सब कुछ मिला लेकिन धान गेहू नही मिलने की जानकारी दिया है।

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