Chhattisgarh India

लाल आतंकियों का बड़ा हमला, 9 जवान शहीद, 2 घायल

सुकमा-रायपुर। सुकमा जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र में मंगलवार को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग विस्फोट के जरिए एंटी लैंडमाइन्स व्हीकल को उड़ा दिया, जिसकी वजह से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के नौ जवान शहीद हो गए और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुकमा जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर दोपहर में नक्सलियों ने इस घटना को अंजाम दिया। इस घटना के बाद दोनों ओर से गोलीबारी भी हुई। बाद में नक्सली सघन जंगल में अंदर भागने में सफल हो गए। घायलों को किस्टारम में प्राथमिक उपचार के बाद हेलीकाप्टर से रायपुर भेजा गया। वहीं नक्सली शहीद जवानों के हथियार भी लेकर भाग गए। सूत्रों के मुताबिक किस्टारम थाने से सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन के जवानएंटी लैंडमाइंस व्हीकल पर सवार होकर सड़क निमार्ण कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पालोदी गांव की ओर रवाना हुए थे। जंगल मेें घात लगाए बैठे नक्सलियों ने वाहन को लक्ष्य करते हुए बारूदी सुरंग विस्फोट कर दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार आठ जवान मौके पर ही शहीद हो गए। एक अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दो अन्य जवानों का इलाज चल रहा है। विस्फोट के बाद नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाब में मौके पर मौजूद अन्य जवानों ने भी मोर्चा संभाला। कुछ देर की मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग निकले। इस बीच घटनास्थल पर और बल भेजा गया है। बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि घायल जवानों के बेहतर उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है।

शहीद जवानों की हुई पहचान : इस बीच नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों के नाम सामने आ गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार शहीदों में सीआरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक आर के एस तोमर, और प्रधान आरक्षक लक्ष्मण, मनोज सिंह तथा धर्मेंद्र सिंह शामिल हैं। इसके अलावा आरक्षक अजय यादव, मनोरंजन लकड़ा, जितेंद्र सिंह और शोभित शर्र्मा तथा वाहन चालक चंद्र एच एस शहीद हुए हैं। सूत्रों ने कहा कि घायल जवानों में मदन कुमार तथा राजेश कुमार शामिल हैं।

सीआरपीएफ की वर्दी पहनकर किया हमला : किस्टाराम और पलोड़ी के बीच नक्सलियों ने सीआरपीएफ की एंटी लैंड माइन व्हीकल को आईईडी ब्लास्ट में उड़ा दिया। ये हमला नक्सलियों ने सोच-समझकर और बड़ी प्लानिंग के साथ किया। जवानों को धोखा देने के लिए उन्हीं की वर्दी पहनी और बड़ी वारदात को अंजाम दे गए। मंगलवार हुए हमले में कुल 150 नक्सली शामिल थे। सुरक्षाबल के जवानों के बीच धोखे से घुसने के मकसद ने नक्सली सीआरपीएफ की वर्दी पहन आए थे। इससे सीआरपीएफ के जवान असमंजस में पड़ गए और अपने नौ साथियों को खो दिया। आशंका जताई जा रही है कि सीआरपीएफ की वर्दी पहने होने की वजह से सुरक्षाबलों को अपने जवानों और नक्सलियों के बीच भेद करने में मुश्किल आई इससे नक्सलियों को बचने का मौका मिल गया। इससे स्पष्ट है कि इस बार नक्सलियों ने पूर्व नियोजित योजना के साथ हमला किया है। इसके पहले 3 मार्च को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर हो गए थे।

आपात बैठक में ऑपरेशन तेज करने के निर्देश : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में रायपुर में उनके निवास कार्यालय में एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सुकमा के किस्टाराम में मंगलवार को सीआरपीएफ के जवानों पर हुए नक्सल हमले के सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी ली गई है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हमले की तीव्र निंदा की और सर्चिंग ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए।

साथ ही जवानों की शहादत पर मुख्यमंत्री गहरा दुख व्यक्त किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार सुनील कुमार, मुख्य सचिव अजय सिंह, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. व्ही. आर. सुब्रमनियम, मुख्य मंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक ए. एन. उपाध्याय पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपरेशन डी. एम. अवस्थी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

फुटबॉल की तरह हवा में उछला एंटी लैंड माइंस व्हीकल : नक्सलियों ने एक बड़े धमाके से सैंकड़ों टन वजनी एंटी लैंड माइंस व्हीकल के परखच्चे उड़ा दिये। जिस वक्त एंडी लैंड मांइस व्हीकल को उड़ाया गया, उस वक्त व्हीकल में 11 सीआरपीएफ के जवान सवार थे,

ये सभी जवान रेगुलर सर्चिंग पर निकले थे, लेकिन जैसे ही ये एंटी लैंड माइंस व्हीकल किस्टाराम इलाके के पेलोडी गांव के करीब पहुंची, नक्सलियों ने आईडी ब्लास्ट कर एंटी लैंड माइंस व्हीकल को उड़ा दिया। जिस तरह से एंटी लैंड के परखच्चे उड़े हैं, उसे देखर यही लग रहा है कि बड़े पैमाने पर बारूद का इस्तेमाल इस व्हीकल को उड़ाने के लिए किया गया है।

आईबी ने किया था अलर्ट, अन्य जिलों में भी सतर्क रहने की हिदायत : बीजापुर जिले के पुजारी कांकेर एरिया में हुए एनकाउंटर में तेलगांना की ग्रेहाउंड फोर्स के 10 माओवादियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में मारे गए साथियों की मौत का बदला लेने के लिए नक्सली छत्तीसगढ़ में बड़े हमले की फिराक में थे। इस बात की आशंका आईबी ने जताई थी और छत्तीसगढ़ पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। खुफिया एजेंसियों के अनुसार तेलंगाना के ग्रेहाउंड और छत्तीसगढ़ पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन से माओवादी बौखलाए थे। ऐसी भी आशंका जताई गई है कि नक्सली अपने प्रभाव वाले जिले, धमतरी, गरियाबंद, कांकेरऔर राजनांदगांव में भी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। आईबी की रिपोर्ट के आधार पर सभी जिलों के एसपी को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। इस संबंध में अधिकारियों को कहना है कि जब नक्सली पर दबाव बढ़ता है तो वह इस तरह की घटनाओं को अंजाम देकर फोर्स का ध्यान बंटाने की कोशिश करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री राजनाथ ने जताया दुख : सुकमा हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक प्रगट किया है। हादसे में मारे गए जवानों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विट किया है कि सुकमा में शहीद हुए शूरवीर सीआरपीएफ जवानों को भारत सलाम करता है।मेरी संवेदना बहादुर शहीदों के परिवार और उनके दोस्तों के प्रति है। दुख की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। वही गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर नक्सली हमले में शहीद जवानों के प्रति दुख और संवेदना जाहिर की। उन्होंने ट्वीट में कहा,शहीद जवानों के परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायल सैनिकों के शीर्घ स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मैंने सुकमा घटना के बारे में डीजी सीआरपीएफ से बात की और छत्तीसगढ़ जाने को कहा है।

तय था कि नक्सली पलटवार करेंगे : सुकमा में हुए नक्सली हमले पर नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि यह बात भी समझनी होगी कि बार-बार ऐसी घटनाएं होना कितना दुखद और नाकामयाबी को दर्शाने वाला है। सिंहदेव ने कहा कि, होली के आसपास सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी नक्सलियों के खिलाफ मिली थी, इससे यह तय था कि वह रियेक्ट करेंगे। आम चर्चा थी कि नक्सल हमला कर सकते हैं ऐसे में सरकार की तैयारी और बेहतर होनी चाहिए थी। सरकार जवानों को प्रॉपर बैकअप नहीं दे रही, इन बातों की समीक्षा होनी चाहिए कि ग्राउंड इंटेलिजेंस का क्या हुआ, क्या हम बार-बार जवानों को बिना आधुनिक उपकरण हथियार और तकनीक के जंगलों में भेज रहे हैं?

सरकार की गलत नीतियों का नतीजा : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार की नीतियों को त्रुटिपूर्ण बताया है। राहुल गांधी ने ट्वीट करके इस हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने सुकमा के माओवादी हमले को दुर्भाग्यजनक बताया है। राहुल गांधी ने कहा ये घटना दिखाती है कि देश की आंतरिक सुरक्षा की हालत बिगड़ती जा रही है जिसकी वजह इसे लेकर बनाई गई त्रुटिपूर्ण नीतियां हैं।

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