Chhattisgarh India

शाही स्नान करने उमड़ी नागा, साधु-संतों की भीड़

राजिम कुंभ कल्प मेला 2018 के अंतिम दिवस महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर नागा बाबाओं, साधु-संतों, विभिन्न अखाड़ों की शाही स्नान के लिए ऐतिहासिक शोभायात्रा संत समागम स्थल परिसर से सुबह 7.30 बजे निकली। इस शोभा यात्रा में समस्त नागा, साधु-संतों के साथ धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक संतोष उपाध्याय, नवापारा नगर पालिकाध्यक्ष विजय गोयल के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।

शोभायात्रा में सुसज्जित पालकियों शाही बग्गी, घोड़ों में विभिन्न साधु-संत सवार थे। शोभायात्रा संत समागम से शुभारंभ होकर श्रीकुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के पीछे मार्ग से नेहरू बाल उद्यान होते हुए, राजिम पुल, पं. सुंदरलाल शर्मा चैक, गौरवपथ राजिम, व्हीआईपी मार्ग होते हुए मेला में बने शाही कुंड में पहुंचे। शोभायात्रा का स्वागत दोनों षहर नवापारा और राजिम में विभिन्न चैक चैराहों में फूलमालाओं बरसा कर किया गया। शोभायात्रा में विभिन्न चैक में अनेकों अस्त्र-शस्त्रों से लैस नागा बाबाओं, साधु-संतों का शौर्य प्रदर्शन करते हुए अखाड़े चलाते रहे। इस अखाड़े में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी अपना करतब दिखाया और अनेकों नागा साधुओं खुद प्रदर्षन करने लगे। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को तलवार और फरसा भांजते खुशी से नाचते देखकर मेले में आए अंचल वासी इस दौरान बहुत ही रोमांचित हो उठे। धीरे-धीरे आगे बढ़ता शोभायात्रा शाही कुंड के पास पहुंचा, जहां शस्त्र पूजन पश्चात सर्वप्रथम नागा बाबाओं ने कुंड में छलांग लगाई और शाही स्नान की प्रक्रिया पूरा की। इसी के साथ धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल भी कुंड में डुबकी लगाने के लिए उतर गए। षाही स्नान करने विभिन्न अखाड़ों के साथ धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल जी, स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए, जो पूरे षाही स्नान कुंड के चारों तरफ चक्कर लगाये। इस विहंगम दृष्य को देखने पुरे मेला क्षेत्र के अलावा कुंड के पास बड़ी संख्या श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थी की भीड़ उमड़ी हुई थी।

महाशिवरात्रि पर डुबकी लगाने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

राजिम। राजिम कुंभ कल्प मेला में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर अपने आप को धन्य किया। धर्म के प्रति आस्था का जूनुन सोमवार की रात से ही देखने को मिल रहा था। आस्था और श्रद्धा के चलते भोलेनाथ महादेव जी के प्रति अटूट भक्ति रखने वाले भक्त ठंडी हवाओं और हल्की बारिश की परवाह न कर रात 2 बजे से ही राजिम संगम की धार में डुबकी लगाने पहुंच गए थे। महाशिवरात्रि पर इस पुण्य स्नान को काफी महत्व माना जाता है, इसलिए तड़के सुबह से लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुगण पुण्य स्नान कर दीपदान किया।

पश्चात दर्शनार्थियों की लम्बी लाईन श्री कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर और श्री राजीव लोचन मंदिर, बाबा गरीब नाथ की ओर लग गई, श्रद्धालुगण भगवान के दर्शन करने लाईन में डटे अपनी बारी की इंतजार करते रहे। यह सिलसिला तड़के तीन बजे से जारी रहा है।

वैसे महाशिवरात्रि पर्व में नहाने के बाद दीपदान करने की परंपरा कई सौ वर्षों पहले से ही चली आ रही है। इस परंपरा और श्रद्धा का पालन आज भी श्रद्धालुगण करते देखा गया है। नदी की धार में दोने में रखा दीपक की लौ किसी जुगनू की भांति चमकती नजर आई। कई महिलाओं ने रेत का शिवलिंग बना कर बहुत ही श्रद्धा के साथ बेल पत्ता, धतुरा के फूल चढ़ाकर आरती भी किया। मान्यता के अनुसार यहां कई भक्त नदी अपने मासूम बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराया है।

संत महात्मओं और श्रद्धालुओं के प्रति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने किया आभार व्यक्त

इस अवसर पर धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह मेरा सौभग्य है कि मैं साधु-संतों के साथ पुण्य स्नान में शामिल हुआ हूं। हमारे संत भारतीय संस्कृति के प्रतीक है। जिससे हमारी धार्मिक परम्परा एवं संस्कृति की पहचान बनी है। इन्ही संतो के तप साधना और ज्ञान के कारण ही भारत को जगत गुरू का सम्मान प्राप्त है। राजिम का यह सौभाग्य है कि राजिम कुंभ कल्प के अवसर पर इन साधु-संतो ने अपना आशीर्वाद दिया और कुंभ की सार्थकता को सफल बनाया, क्योंकि कुंभ साधु संतो और नागा बाबाओं के शाही स्नान के बिना अधुरा माना जाता है। संत महात्मा राजिम कुंभ की धर्म ध्वजा के प्रतीक है जिससे राजिम कुंभ को गरिमामय गौरव प्राप्त हुआ। छत्तीसगढ़ शासन ने सर्वत्र ही संतो का सदा सम्मान किया और उनके गरिमा के अनुरूप उन्हें स्थान प्रदान किया जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परम्परा का घोतक है। इसके आलावा धर्मस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राजिम आने वाले समस्त श्रध्दालुओं और पर्यटकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने राजिम कुंभ की धार्मिकता को बनाकर राजिम कुंभ को सफल और सार्थक बनाया। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारा प्रयास सदा ही कुंभ की मर्यादा और उसका गौरव स्थापित करने का रहा है। मुझे खुशी है कि भगवान श्रीराजीव लोचन, श्री कुलेश्वरनाथ महादेव, बाबा गरीबनाथ के आशीर्वाद से मुझे कुुंभ के उत्तरदायित्व का निर्वहन का अवसर प्राप्त हुआ है। मैं महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर राजिम सहित छत्तीसगढ़ केे समस्त निवासियों के सुख समृध्दि की कामना करता हूं। साथ ही ईश्वर से प्रार्थना करता हॅंू कि हमारा राज्य सदैव धर्म के अनुसार प्रगति करते हुए राज्य की संस्कृति और परम्परा को स्थापित करने में सफल हो।

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