Raipur

1 जून से शराब होगी महंगी, छग स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन के लिए शराब दुकान चलाना मुश्किल

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन के लिए देसी और विदेशी शराब दुकान चलाना मुश्किल हो गया है। दुकानों में रखे गए प्लेसमेंट एजेंसियों के कर्मचारियों का वेतन, दुकान का किराया, शराब के परिवहन, बिजली बिल समेत अन्य खर्च के लिए राशि नहीं निकल पा रही है।

प्राधिकरण को आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार ने शराब पर उसका कमीशन 12 से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। प्राधिकरण का कमीशन बढ़ने का सीधा असर शराब के दाम पर पड़ेगा। एक जून से उपभोक्ताओं के लिए शराब महंगी हो जाएगी।

ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन में ड्यूटी पटाने के बाद गोदाम से शराब उठाई जाती है। ड्यूटी की पूरी राशि सरकार के खाते में चली जाती है। यही सरकार की सालाना आय होती है। आबकारी अधिकारियों का दावा है कि ड्यूटी पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।

गोदाम से शराब निकलने के बाद ठेकेदारों के लिए मार्जिन तय होती थी, वैसा ही प्राधिकरण के लिए सरकार ने कमीशन निर्धारित कर दिया है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले महीने अप्रैल में सभी 694 देसी और विदेशी शराब दुकानें नहीं खुल पाई थीं, इसलिए प्राधिकरण यह अनुमान नहीं लगा पाया कि सरकार द्वारा निर्धारित 12 फीसदी कमीशन कम है। मई में जब पूरी दुकानें शुरू हुईं, तब खर्च के लिए राशि जुटा पाना मुश्किल हो गया है।

अधिकारियों के मुताबिक प्राधिकरण को शराब दुकानों के संचालन के लिए ड्यूटी के अलावा हर माह लगभग साढ़े छह करोड़ रुपए की जरूरत है, तब केवल खर्च निकल पाएगा। अभी खर्च को पूरा करने के लिए 40-50 लाख कम पड़ रहे हैं। आबकारी अधिकारियों ने संभावना जताई है कि राशि की कमी तीन फीसदी कमीशन बढ़ने से पूरी हो जाएगी, लेकिन लाभ कमाने के लिए प्राधिकरण को शराब की बिक्री बढ़ानी होगी।

शराब की बिक्री अब बढ़ने की संभावना है, क्योंकि 17 ब्रांडेड कंपनियों ने शराब की आपूर्ति शुरू कर दी है। आबकारी अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण का कमीशन बढ़ने पर अगले माह से शराब कम से कम पांच स्र्पए प्रति क्वाटर महंगी हो जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *