तिल्दा। लाखो रूपए की लागत से बने तिल्दा नेवरा का वेयर हॉउस अब बदहाल हो चूका है । अंग्रेजो के ज़माने में बना यह वेयर हॉउस वर्षो से बंद पड़े होने की वजह से यहाँ अब घास और झाड़ियों का मैदान बनता जा रहा है. टीन के सेड,दरवाजे सड़ रहे हैं।  कोल्ड स्टोरेज बर्बाद हो गया है।  जगह-जगह बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आयी हैं।  हालत तो अब ऐसे हो गए है की इन पर आवारा जानवरो ने इसे अपने कब्जे में ले लिया हैं।

सैकड़ो  लोगो को होता था लाभ

नेवरा के स्थानीय लोगों ने बतलाया की जब यह वेयर हॉउस चालू स्थिति में था तो स्थानीय लोगो को रोजगार मिलता था। लेकिन इसके बंद होने के बाद सैकड़ो लोगो को बेरोजगार होना पड़ गया। 

खंडहर में हो रहा तब्दील

नेवरा में स्थित यह वेयर हाउस लगभग डेढ़ एकड़ भूमि में फैला हुआ है जोकि उचित देखरेख और रखरखाव के आभाव के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं । जहां-तहां सेड उखड़ रहा है। दरवाजे टूट रहे हैं। जिसके चलते यह खंडहर में तब्दील हो चूका है।

मतलब निकल गया तो पहचानते नही

तिल्दा नेवरा में स्थापित धान संग्रहण केंद्र में मार्कफेड के द्वारा जब धान की खरीदी की जाती है तो यहाँ धान को रखने का काम किया जाता था । लेकिन अब न धान रखा जाता है नहीं चावल लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियो और कर्मचारियों के द्वारा  इस ओर ध्यान नहीं देने की वजह से इसकी यह स्थिति हो चुकी है।

भूमाफियाओ की है नजर

वर्षो से खाली पड़े इस करोडो रूपए की बेशकीमती जमीन (वेयर हॉउस) में अब भूमाफियाओ की नजर पड़ने लगी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर के इस सरकारी भूमि पर अवैध कॉलोनियों को  बसाने की योजना बनाई जा रही हैं। यही नहीं इन जमीनों के सौदे भी किए जा रहे हैं। दूसरी ओर जिम्मेदार महकमों के अधिकारी अनजान बने हुए हैं।

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