रायपुर । छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के बीच आये ट्रांसफर के मौसम ने सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को हैरत में डाल दिया है | उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इस महामारी के बीच राज्य सरकार ऐसा कोई फैसला लेगी | कर्मचारियों-अधिकारियों को उम्मीद थी कि बारिश के मौसम के बाद वे ट्रांसफर को लेकर विचार कर सकते है | लेकिन शिक्षा विभाग से आज 54 प्राचार्यों का ट्रांसफर आदेश जारी होने के बाद वे खौफ में आ गए है | उन्हें संक्रमण का अंदेशा सताने लगा है | एक तो भीषण गर्मी , दूसरा कोरोना महामारी का संकट और अब मानसून सिर पर | ऐसे समय ट्रांसफर को लेकर सवालियां निशान खड़ा हो रहा है | ये और बात है कि सरकार का फैसला कर्मचारियों-अधिकारियों के सर माथे पर | 

ट्रांसफर आदेश जारी होते ही शिक्षा विभाग ने सभी DEO को निर्देश दिया है, कि 15 दिन के भीतर संबंधित प्राचार्यों को कार्यमुक्त करें। उधर कलेक्टर समेत विभिन्न विभागों में भी स्थानांतरण को लेकर कवायतें जोरों पर है | प्रशासनिक गतिविधियों के जानकर बताते है कि ऐसे समय कलेक्टरों का ट्रांसफर करना गैर लाजमी मालूम पड़ रहा है | उनके मुताबिक कोरोना संक्रमण अपने उफान की ओर बढ़ रहा है | राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर संक्रमण की रोकथाम और अपने इलाके की कृषि योजनाओं से वाकिफ है | ऐसे समय उन्हें स्थानांतरित करना उस जिले को डिस्टर्ब करने जैसा होगा | ट्रांसफर और पोस्टिंग तो सरकार का बाएं हाथ का काम है | ये फैसला वे अनुकूल समय आने पर भी ले सकते है | फ़िलहाल तो वे ऐसे समय हो रहे ट्रांसफर को किसी दंड से कम नहीं आंक रहे है | 

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