न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए नॉर्थ कोरिया पर जबरदस्त आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। यूएनएससी में नॉर्थ कोरिया पर प्रतिबंध लगाने को लेकर हुई वोटिंग में पांच स्थायी सदस्यों समेत 15 देशों ने हिस्सा लिया, जिसमें सभी की सर्वसम्मति से इस देश पर आर्थिक, व्यापारिक और विदेशी निवेश को लेकर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नॉर्थ कोरिया की अर्थव्यवस्था पर खतरनाक चोट

नॉर्थ कोरिया पर यह अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक प्रतिबंध है। इन नए प्रतिबंधों से नॉर्थ कोरिया की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट लगने वाली है। यूएन में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली के अनुसार, नॉर्थ कोरिया पर टेक्सटाइल पर प्रतिबंध लगने से उनके वार्षिक राजस्व को 800 मिलियन डॉलर का नुकसान होगा। साथ ही नॉर्थ कोरिया में विदेशी वर्करों पर प्रतिबंध लगने से किम के साम्राज्य को हर साल 500 मिलियन डॉलर का घाटा होने वाला है। नॉर्थ कोरिया का टेक्सटाइल सेक्टर बहुत ही विस्तृत है अब इसके निर्यात पर रोक लगने से इस देश को बहुत बड़ा नुकसान होने वाला है। 2016 में सिर्फ टेक्सटाइल सेक्टर से नॉर्थ कोरिया को 752.5 मिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं, इससे पहले भी नॉर्थ कोरिया पर कोयला, लोहा और सीफूड के निर्यात पर यूएन रोक लगा चुका है। यूएस एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, दुनिया भर में करीब 93 हजार नॉर्थ कोरियाई लोग काम कर रहे हैं, उनके परमिट पर भी रोक लगाई जाएगी

हम युद्ध नही चाहते
अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा, ‘हम नॉर्थ कोरिया से युद्ध नहीं चाहते। नॉर्थ कोरिया अगर आने वाले टाइम में अपने परमाणु प्रोग्राम में कटौती करेगा तो हम इन पाबंदियों को कम करने का विचार कर सकते है, लेकिन किम जोंग उन अगर खतरनाक रास्तों पर चलते रहेंगे तो हम इस देश पर दबाव डालने के लिए और भी कड़े प्रतिबंध लगाएंगे’। चीन और नॉर्थ कोरिया बड़े व्यापारिक साझेदार देश है इसलिए निक्की हेली ने यूएनएससी में कहा कि यह प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के ‘मजबूत रिश्तों’ के बगैर संभव नहीं हो पाएगा।

नॉर्थ कोरिया ने दी अमेरिका को धमकी
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सोमवार को वोटिंग से पहले ही नॉर्थ कोरिया ने बयान जारी कर कहा था कि उन पर किसी भी प्रकार का बैन लागू नहीं होगा। इन पाबंदियों को लेकर नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को धमकी देते हुए कहा कि अगर प्रतिबंध लगे तो वॉशिंगटन इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहे।

 

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