रायपुर। राज्य सरकार ने प्रदेश के 21 जिलों की 96 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह घोषणा की गई। साथ ही धान पर बोनस के लिए करीब 21 सौ करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी गई। सूखे के चलते प्रदेश में भूजल के घटते स्तर को देखते हुए नलकूप से सिंचाई पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। कैबिनेट ने प्रदेश के किसानों को धान बोनस दिलाने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया।

राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार अकाल की इस घड़ी में किसानों के साथ है। उन्होंने बताया कि सरकार पिछले साल का धान का बोनस दीवाली से पहले एकमुश्त किसानों के खातों में जारी कर देगी। इस साल धान का समर्थन मूल्य 80 रुपए बढ़ा है। ए ग्रेड धान का मूल्य 1590 रुपए प्रति क्विंटल है। इसके साथ 3 सौ रुपए बोनस भी मिलेगा। इस हिसाब से धान का समर्थन मूल्य 1890 रुपए हो गया। 2017 का बोनस अप्रैल 2018 में दे दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि बोनस उपार्जित धान पर दिया जाएगा, न कि उत्पादित धान पर। बोनस बीज उत्पादक किसानों को भी दिया जाएगा। इसका वितरण मार्कफेड के माध्यम से होगा। इस साल धान की खरीदी 15 नवंबर से 31 जनवरी तक की जाएगी। मक्का की खरीदी 15 नवंबर से 31 मई तक होगी। मक्का का समर्थन मूल्य 1425 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है।

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