नई दिल्ली, 20 जून 2020. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने गलवान घाटी में चीन के अवैध कब्जे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सर्वदलीय बैठक में दिए गए वक्तव्य पर तीखे सवाल किए हैं, जिनके उत्तर प्रधानमंत्री को अवश्य देने चाहिएं, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रश्नों पर देश की जनता को जानने का अधिकार हैं।

जस्टिस काटजू ने एक के बाद एक लगातार तीन ट्वीट किए।

जस्टिस काटजू ने अपने सत्यापित ट्विटर हैंडल पर, एक ट्वीट में लिखा,

“मोदी ने कहा कि किसी ने भी हमारी सीमा में प्रवेश नहीं किया। कृपया वे उत्तर दें – (1) क्या गलवान घाटी भारत की है (2) यदि ऐसा है तो क्या चीन ने उस पर कब्जा कर लिया है? क्या वह हमारी सीमा में प्रवेश नहीं कर रहा है? (3) क्या इसको वापिस लेने के लिए कोई कदम उठाया जा रहा है, या हम चीन के अवैध कब्जे को स्वीकार करने जा रहे हैं ? भारत को इसको जानने का अधिकार है।“

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा,

“1962 के भारत-चीन युद्ध के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति केनेडी ने एक नोट में कहा कि भारत ने चीन से थप्पड़ के बाद थप्पड़ खाया, लेकिन कहा कुछ नहीं हुआ। इसी तरह, चीनियों ने लद्दाख के गलवान घाटी और अन्य हिस्सों पर कब्जा कर लिया है, लेकिन पीएम ने कहा कि हमारी पार्टी की बैठक में हमारे क्षेत्र में घुसपैठ नहीं हुई।“

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा,

“पीएम ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में कहा कि कोई भी भारतीय क्षेत्र में नहीं आया

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