मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कहा कि विगत दो दिनों में प्रदेश के आदिवासी बहुल बीजापुर, कोण्डागांव, सुकमा और राजनांदगांव जैसे नक्सल हिंसा पीडि़त जिलों में तेन्दूपत्ता बोनस तिहारों में वनवासियों ने हजारों की संख्या शामिल होकर यह साबित कर दिया है कि वे नक्सलियों के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। मुख्यमंत्री ने अपरान्ह राजनांदगांव जिले के मोहला में आयोजित तेन्दूपत्ता बोनस तिहार में कहा – इसके पहले मैं यहां से लगभग 400 किलोमीटर दूर सुकमा जिले के छिंदगढ़ में था, जहां नक्सलियों ने बंद का आव्हान किया था। इसके बावजूद वहां के बोनस तिहार में 30 हजार से ज्यादा आदिवासी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने मोहला में आयोजित कार्यक्रम में भारी संख्या में ग्रामीणों और वनवासियों की उपस्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा – यह तेन्दूपत्ता बोनस को लेकर मेहनतकश संग्राहकों के उत्साह का परिचायक है। डॉ. सिंह ने इस मौके पर राजनांदगांव और बालोद वन मंडलों के 70 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को लेपटाप पर एक क्लिक के जरिये 19 करोड़ 51 लाख रूपए का बोनस तत्काल वितरित कर दिया।

डॉ. सिंह ने कार्यक्रम में बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के जिन अत्यधिक पिछड़े 100 जिलों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया है, उनमें राजनांदगांव जिला भी सम्मिलित है। इस जिले के मोहला-मानपुर क्षेत्र को केन्द्र सरकार की ओर से हर साल 60 करोड़ रूपए से लेकर 80 करोड़ रूपए तक ग्रांट मिलेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मां बम्लेश्वरी के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में जनता की सेवा करते हुए हमारी सरकार 14 वर्ष पूर्ण करने और 15वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। डॉ. सिंह ने मोहला के कार्यक्रम में क्षेत्र के लोकप्रिय आदिवासी नेता स्वर्गीय श्री लालश्याम शाह की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा – स्वर्गीय श्री शाह की छवि केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी एक आदर्श नेता के रूप में थी। डॉ. सिंह ने मोहला में बोनस तिहार के अवसर पर 40 करोड़ 62 लाख रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण औरं भूमिपूजन किया। डॉ. सिंह ने इसके अलावा विभिन्न योजनाओं में कई हितग्राहियों को सामग्री और चेक आदि का वितरण किया। लोकसभा सांसद अभिषेक सिंह और वन मंत्री श्री महेश गागड़ा ने भी जनता को सम्बोधित किया।
कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, स्कूल शिक्षा एवं आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, वन मंत्री श्री महेश गागड़ा, 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी, राज्य उर्दू अकादमी के अध्यक्ष श्री अकरम कुरैशी, मोहला-मानपुर की विधायक श्रीमती तेजकुंवर नेताम, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती सरोजनी बंजारे, नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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