राज्य के 51 हजार किसानों को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज राज्य के अंतिम छोर के आदिवासी बहुल सुकमा जिले के छिंदगढ़ में आयोजित तेन्दूपत्ता बोनस तिहार के अवसर पर विकास प्रदर्शनी में 50 किसानों को सौर सुजला योजना के तहत सोलर सिंचाई पम्पों का भी वितरण किया। डॉ. सिंह ने किसानों को बधाई दी। उन्होंने कहा – जिन किसानों के खेतों में परम्परागत बिजली नहीं पहुंची है, उन्हें सिंचाई सुविधा देने के लिए राज्य सरकार ने इस योजना की शुरूआत की है। योजना के तहत उन्हें सूरज की रौशनी से चलने वाले सिंचाई पम्प दिए जा रहे हैं। इन सिंचाई पम्पों के लिए किसानों को बिजली का कोई बिल नहीं लगेगा। पूरी बिजली सूर्य देवता के आशीर्वाद के रूप में उन्हें मुफ्त मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दो साल के भीतर 51 हजार किसानों को इसका लाभ दिलाने का लक्ष्य है। चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य के 20 हजार किसानोें को सौर सुजला योजना से जोड़ा जा रहा है। बाजार में पांच हार्स पावर के जिस सौर ऊर्जा पम्प (सोलर पम्प) की कीमत चार लाख 50 हजार रूपए है, वह इस योजना में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को सिर्फ दस हजार रूपए में, अन्य पिछड़े वर्गोे के किसानों को मात्र 15 हजार रूपए में और सामान्य वर्ग के किसानों को केवल 20 हजार रूपए में दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में तीन हार्स पावर के सौर सिंचाई पम्प, जिनकी कीमत बाजार में लगभग साढ़े तीन लाख रूपए होती है, वह सौर सुजला योजना के तहत अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के किसानों को सिर्फ सात हजार रूपए में, अन्य पिछड़े वर्गों के किसानों को केवल 12 हजार रूपए में और सामान्य वर्ग के किसानों को मात्र 18 हजार रूपए में देने का प्रावधान किया गया है।

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