रायपुर : मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ विभाजन के पूर्व में मानव जीवन के कल्याण के लिए किये जाने वाले सामाजिक संस्थाएं बिना शासकीय अनुदान प्राप्त किये लम्बे दिनों से गरीब बेसाहारा अनाथों वृद्धाजनों सीनियर सिटीजन एवं स्वास्थ्य शिक्षा पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करते हुए आ रही है। देश में जबभी कोई आपदाएं आती हैं।तो बढ़चढ़कर निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। कुछ वर्षों से यह मांगें उठ रही हैं। कि छत्तीसगढ़ राज्य में निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाली संस्थाओं को बड़े से बड़े  संकट और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। शहर की अधिंकाश सामाजिक संस्थाओं ने अवाम ए हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी के संस्थापक मोहम्मद सज्जाद खांन से मिलकर अपनी आप बीती सुनाई हैं।जिसमें अवाम ए हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी के संस्थापक मोहम्मद सज्जाद खांन ने भी इस बात का एहसास करते यह निर्णय लिया है।कि हमारी 

 संस्था द्वारा बीते 25 वर्षों से बिना स्वार्थ की विभिन्न क्षेत्रों में मानवीय संवेदनाओं के मद्देनजर रखते हुए  सामाजिक हितों के लिए गरीबों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार अवाम हिन्द संकल्पित रही हैं।लेकिन राजनीतिक प्रतिस्पर्धो के चलते आजके समय में  समाज सेवा करना विचलित महसुस हो रहा है। सर्व धर्म  जनकल्याणकारी समाज सेवीं संस्था अवाम ए हिन्द सोशल वेलफेयर कमेटी के संस्थापक मोहम्मद सज्जाद खांन ने गुहार लगाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी से अनुरोध करती है।  ऐसे निस्वार्थ भाव से देश एवं समाज के लिए गरीबों लाचरो समाज में रहने वाले हर कमजोर वर्गों के लिएसेवा कार्य करने वाली संस्थाओं को सुरक्षित रखने के लिए उनके द्वारा किए जा रहे सामाजिक सरोकार से ताल्लुक रखने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाए और साथ ही उनके सामाजिक कार्यों में आने वाली दिक्कतों को अपने संज्ञान में लेते हुए प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं की कष्ट को दूर करने की कृपा करें 

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