ईवीएम से छेड़छाड़-स्ट्रांग रूम की सुरक्षा पर सवाल उच्च न्यायालय में कांग्रेस ने दायर की याचिका

0
10

शिकायत गंभीर, 10 को होगी सुनवाई

रायपुर। ईवीएम की सुरक्षा और स्ट्रांग रूम में लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ त्वरित कार्यवाही की मांग करते हुए आज पीसीसी के महामंत्री की ओर से उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है।
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि अधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के माध्यम से पीसीसी महामंत्री ने एक याचिका प्रस्तुत की है। इसमें ईवीएम से छेड़छाड़ की संभावना, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में लापरवाही बरतने तथा स्ट्रांग रूम को अनाधिकृत रूप से खोलने वाले रिटर्निंग अफसर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि इन गंभीर शिकायतों पर राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से भी कार्यवाही नहीं की गई है। कांग्रेस ने याचिका में मांग किया है कि वीवीपैट मशीन की गिनती की जाए, जिन बूथों में ईवीएम से छेड़छाड़ करने की शिकायत है, उसमें अनिवार्य रूप से वीवीपैट मशीन से गिनती कराई जाए। दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता की ओर से शीघ्र सुनवाई करने का निवेदन किया है, इस पर न्यायालय 10 दिसंबर को सुनवाई करने राजी हो गया है।

प्रदेश के किसी भी मतदान केन्द्र में नहीं होगा पुनर्मतदान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा निर्वाचन-2018 के अंतर्गत किसी भी मतदान केन्द्र में पुनर्मतदान नहीं होगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस जानकारी की पुष्टि कर दी गई है। यह छत्तीसगढ़ के लिए कीर्तिमान है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दो चरणों में 12 नवम्बर और 20 नवम्बर 2018 को 90 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुए थे। मतदान के बाद कुछ एक स्थानों पर पुनर्मतदान की मांग की गई थी। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने किसी भी विधानसभा क्षेत्र के किसी भी मतदान केन्द्र में दोबारा मतदान नहीं करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संसूचित कर दी गई है। प्रदेश के 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 23 हजार 672 मतदान केन्द्रों में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से मतदान सम्पन्न हुआ था।