डाैडी – नर्राटोला मार्ग के कुंए में दिनांक 21/06/2020 को एक युवक का शव मिला था।पतासाजी के दौरान युवक 17 जून को घर निकला था जिसके बाद युवक का कोई पता नही चला चला था जिसके बाद मामले में थाना डौण्डी द्वारा तत्काल मर्ग क्रमांक 36/20 कायम कर जांच में लिया गया
अंचे कत्ल की गुत्थी सुलझाने एवं आरोपी की पतासाजी हेतु पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र सिंह मीणा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.आर पोते के मार्गदर्शन व सीएसपी राजहरा अलीम खान के निर्देशन निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित किया गया।
विशेष टीम द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए बारीकी से जांच प्रारंभ किया गया, विशेष टीम द्वारा घटना स्थल की बारीकी से जांच कर ग्राम चिखली क्षेत्र के ग्रामीणों से प्रकरण के संबंध मे जानकारी प्राप्त किया गया। मृतक इस दौरान किन-किन व्यक्तियों से मिला, कहां-कहां गया तथा दिनभर की गतिविधियों की बारीकी से जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों एवं परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर संदेही आरोपी मृतक का दोस्त भानु प्रकाश गोटा पिता-आत्माराम गोटा, उम्र-42 वर्ष तथा नागेश्वर गोटा पिता-मुकंद लाल गोटा, बारीकी से पूछताछ किया गया, शुरुआत में अपने दोस्त का हवाला देकर वे दोनों बहुत से तथ्यों को छुपाते रहे, हिकमत अमली से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा उक्त घटना करना कबूल किया।
आरोपियों द्वारा बताया गया कि मृतक हर्ष कुमार के साथ हम दोनों दिनांक 19/06/2020 के सुबह 10-11 बजे के आस-पास मोटर सायकल में दल्ली राजहरा देशी शराब दुकान गए, जहां हमने शराब खरीदें और ग्राम नर्राटोला के आस-पास आये और शराब का सेवन किए। उसके बाद हम तीनों डौडी आए। मृतक हर्ष कुमार के लिए टोपी खरीदे। उसके बाद डौडी देशी शराब भट्टी में जाकर फिर से शराब खरीदें उसके बाद शाम 4-5 बजे के आस-पास ग्राम नर्राटोला के हवाई पट्टी के पास बने कुए के चबूतरे में बैठकर शराब सेवन किए । हम तीनों आपस में मौज मस्ती कर रहे थे। बातचीत के दौरान हम लोगों के बीच में शराब पीने व पैसे खर्च करने की बात को लेकर मृतक हर्ष कुमार जुर्री उर्फ गोपी के साथ विवाद हो गया। इसी गुस्से में आकर नागेश्वर गोटा ने मृतक हर्ष कुमार के गला को अपने दोनों हाथों से दबाने लगा। हर्ष कुमार छटपटातें देख कर आरोपियों ने हर्ष कुमार के गंमछे को खींच कर उसके गले को कस दिया, जिससे हर्ष कुमार ने दम तोड दिया तथा डर के कारण लाश को कुंए में फेंक कर अपने अपने घर चले गए और इस बात को किसी को नहीं बताया।


उक्त अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने व प्रकरण के आरोपी के गिरफ्तारी में गठित विशेष टीम में निरीक्षक कुमार गौरव साहू, प्रधान आरक्षक प्रेम सिंह राजपूत, आरक्षक संदीप यादव, आरक्षक राजेश पांडे का सराहनीय योगदान रहा

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