Insurance Policy : कोरोना संकट के चलते आम आदमी के लिए एक और राहत भरी खबर है। यदि आप बीमा करवाने वाले हैं या करवा चुके हैं तो यह आपके लिए जरूरी सूचना है। बीमा कंपनियों की शीर्ष नियामक संस्‍था इरडा IRDA ने स्टैंडर्ड इंडेम्निटी बेस्ड (प्रतिपूर्ति आधारित) पॉलिसी “कोरोना कवच” और स्टैंडर्ड बेनिफिट बेस्ड (लाभ आधारित) पॉलिसी “कोरोना रक्षक” का ऐलान किया है। इंडेम्निटी बेस्ड पॉलिसी में इलाज का पूरा खर्च दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा सम इंश्योर्ड के बराबर होती है। वहीं, बेनिफिट बेस्ड पॉलिसी में जांच के बाद सम इंश्योर्ड के बराबर की राशि एकमुश्त दे दी जाती है। नियामक ने कहा है कि कोरोना पर केंद्रित होने के बावजूद “कोरोना कवच” पॉलिसी में बीमा अवधि के दौरान अन्य सभी बीमारियों का इलाज भी कवर होगा। इस पॉलिसी की अवधि 3.5 से 9.5 महीने के बीच रहेगी।

सभी कंपनियों से पॉलिसी जारी करने को कहा

IRDA ने सारी कंपनियों को कहा है कि वे जनहित में एक अल्‍प अवधि की पॉलिसी शुरू करें और इसके लिए बकायदा तारीख भी तय की है। भारतीय बीमा नियामक इरडा ने सभी हेल्थ एवं जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को 10 जुलाई से कोरोना पर केंद्रित छोटी अवधि की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी जारी करने को कहा है। सभी जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को अनिवार्य रूप से “कोरोना कवच” पॉलिसी जारी करने को कहा गया है।

यह पॉलिसी होगी वैकल्पिक, 50 हजार से 5 लाख का सम इंश्‍योर्ड

“कोरोना रक्षक” पॉलिसी को वैकल्पिक रखा गया है। इन दोनों ही पॉलिसी के मामले में नियामक ने स्पष्ट किया है कि प्रीमियम पूरे देश में एक जैसा होगा। क्षेत्र के आधार पर प्रीमियम में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। कोरोना कवच में 50,000 रुपये से पांच लाख रुपये तक का सम इंश्योर्ड होगा। वहीं कोरोना रक्षक पॉलिसी में यह सीमा 50,000 रुपये से ढाई लाख रुपये तय की गई है।

खर्च में यह सब होगा कवर, जानिये खास बातें

– “कोरोना कवच” में अस्पताल में भर्ती होने पर रूम, पीपीई किट, ग्लव्ज, मास्क व अन्य खर्च शामिल होंगे। आयुष ट्रीटमेंट भी इसमें कवर होगा।

– घर पर रहकर इलाज होने की दशा में भी 14 दिन के लिए इलाज का खर्च कवर किया जाएगा।

– “कोरोना रक्षक” के मामले में कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद मरीज को कम से कम 72 घंटे अस्पताल में भर्ती होना होगा। उसे सम इंश्योर्ड की पूरी राशि एकमुश्त दे दी जाएगी।

– इस बीमा की अवधि 105 दिन, 195 दिन और 285 दिन तय की गई है। दोनों पॉलिसी में 18 से 65 साल के लोगों का बीमा हो सकेगा।

– तीन महीने से 25 साल की उम्र के आश्रित बच्चों का भी बीमा किया जाएगा। परिवार को शामिल करने का विकल्प केवल “कोरोना कवच” में होगा। “कोरोना रक्षक” एक व्यक्तिगत पॉलिसी होगी।

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