मांजरमांटी गांव के पास स्थित है विशाल खदान
सारंगढ़ के वनांचल मे संचालित हो रहे है कई क्रेशर?
इन पर जांच और कार्यवाही क्यो नही?
गोमर्डा अभ्यारण्य मे अवैध उत्खनन जोरो पर?


सारंगढ़ 02 अगस्त 2020 chhattisgarh. Co – सारंगढ़ के प्रसिद्ध गोमर्डा अभ्यारण्य की सीमा के जंगल मे सरायपाली क्षेत्र के खनन करने वाली कंपनी मेसर्स सुशीला माईनिंग प्राईवेट लिमिटेड जिला-महासमुंद के द्धवारा किया जा रहा खनन मामले मे राज्य सरकार के द्वारा जांच के आदेश दिया गया है। इसकी जांच के लिये राज्य सरकार के द्वारा संयुक्त जांच समिति गठित किया है जो कि 2 सप्ताह मे अपना रिपोर्ट सरकार को सौपेगी। वही गोमर्डा अभ्यारण्य के जंगल पर कई क्रेशर संचालित है तथा उनके लिये भी अवैध खनन जोरो पर है किन्तु वन अधिकारियो की मिलीभगत से यहा पर कोई कार्यवाही नही हो रही है।
वन्य प्राणियो के संरक्षण के लिये शासन के द्वारा सारंगढ़ और बरमकेला अंचल के 277 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र मे फैला गोमर्डा के जंगल को अभ्यारण्य घोषित किया है किन्तु वर्तमान मे पदस्थ वन अधिकारियो के मनमानी के कारण गोमर्डा अभ्यारण्य मे अवैध खनन का कार्य बदस्तूर जारी है। इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार गोमर्डा अभ्यारण्य की सीमा से 10 किलोमीटर की दूरी पर ही खनिज खनन संबंधी अनुमति वन विभाग के द्वारा प्रदान किया जाता है किन्तु मांजरमाटी गांव के पास गोमर्डा अभ्यारण्य की सीमा से लगा हुआ क्षेत्र में महासमुंद जिले के एक कंपनी के द्वारा गोमर्डा अभ्यारण्य की सीमा पर अवैध खनन किया जा रहा था। गत दो वर्षो से किया जा रहा इस खनन की शिकायत मिलने पर बीते दिनो वन विभाग के द्वारा इस खदान को तत्काल बंद करा दिया गया है किन्तु गोमर्डा अभ्यारण्य की सीमा के भीतर कैसे खदान संचालित हो रहा था इस बिन्दु पर राज्य सरकार के द्वारा जांच के आदेश दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले मे राज्य सरकार के द्वारा संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया है जो कि 2 सप्ताह मे अपना रिर्पोट शासन को सौपेगी। इस जांच दल को गोमर्डा अभ्यारण्य मे कहा पर खदान संचालित और उक्त खदान के संबंध मे भौतिक स्थिति की जानकारी आदि संबंधी बातो को शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि गोमर्डा अभ्यारण्य के जंगल पर खनन कर रही उक्त कंपनी मेसर्स सुशीला माईनिंग प्राईवेट लिमिटेड सरायपाली अंचल की कंपनी है तथा बड़े चेहरो के कारण से दबाव मे वन विभाग के द्वारा उन पर कोई कार्यवाही नही किया जा रहा था। मांजरमांटी के गांव से सटे हुए स्थान पर किया जा रहा अवैध उत्खनन और अवैध ब्लास्टिंग को लेकर सारंगढ़ गोमर्डा अभ्यारण्य के अधिकारियो के द्वारा रहस्यमय चुप्पी साधे रहना कई सवालो को जन्म दे रहा है।
कई क्रेशर संचालित है गोमर्डा अभ्यारण्य के जंगल में?
सारंगढ़ विकासखंड़ में गोमर्डा अभ्यारण्य की जमीन पर और उससे सीमा से लगे हुए क्षेत्र मे कई क्रेशर संचालित है। इन क्रेशरो के लिये पत्थर गोमर्डा अभ्यारण्य के जंगल पर अवैध रूप से खदान बनाकर अवैध उत्खनन करते हुए लाया जा रहा है । वन अधिनियम के प्रावधानो की माने तो गोमर्डा अभ्यारण्य की सीमा से 10 किलोमीटर की दूरी तक क्रेशर स्थापना तथा उत्खनन की अनुमति नही दिया जा सकता है किन्तु सारंगढ़ में गोमर्डा अभ्यारण्य मे पदस्थ अधिकारियो के द्वारा यहा पर कार्यरत तीन से अधिक क्रेशरो को अनुमति प्रदान कर दिया गया है। अधिकारियो के संरक्षण मे गोमर्डा अभ्यारण्य के सीमा पर संचालित हो रहे क्रेशरो के खिलाफ कोई भी कार्यवाही वन विभाग के अधिकारी नही कर रहे है। जिससे साफ प्रतीत हो रहा है इस गोलमाल मे सभी अधिकारी का हिस्सा बंटवारा बना हुआ है।
फोटो-1 तथा गोमर्डा अभ्यारण्य का फाईल फोटो लगा देगें।

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