कोरबा ।लॉकडाउन ने वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है. इससे कहीं ज्यादा हलाकान ग्रामीण हाथियों के उत्पात से हैं. हाथियों का अलग अलग झुंड चारापानी की तलाश में बस्ती के भीतर प्रवेश कर रहा. हाथी लगातार घर में रखे अनाज को निवाला बना रहे हैं. जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से राशन की मांग शुरू कर दी है.कटघोरा वन मंडल के कोरबी वन परिक्षेत्र में बीते दो माह से 43 हाथियों का अलग अलग झुंड विचरण कर रहा है. हाथियों का यह झुंड आए दिन बस्तियों के भीतर प्रवेश कर मकानों को ध्वस्त कर रहे हैं. शनिवार की रात को भी हाथियों ने क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया. पोड़ी खुर्द के खड़फड़ी मोहल्ले में हाथी जा घुसे. यहां रहने वाले दुबेराम यादव की कच्चे मकान को ध्वस्त कर दिया. घटना में दुबेराम के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों ने किसी तरह रात बिताई. इसके अलावा हाथियों के झुंड ने बैगा परिवार के आशियानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. विडंबना तो यह है कि हाथियों के पहुंचने की खबर देने ग्रामीण वन विभाग के अफसर व कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली. इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया है. उनका कहना है कि लॉकडाउन के बाद पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है. उन्हें कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने घर से नहीं निकलने की बात कही जा रही है. इधर शाम ढलते ही गांव में घुसकर हाथी उत्पात मचा रहे हैं. ऐसे में दो जून की रोटी व्यवस्था करना किसी चुनौती से कम नहीं है. ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे वन कर्मियों से मुआवजा के अलावा राशन सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है.

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