Chhattisgarh Politics Raipur

भाजपा पदयात्रा नहीं बल्कि पश्चाताप यात्रा निकाले : कांग्रेस

-छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार कमीशनखोरी और अपराध की इंतिहा हो गयी है

-लोक सुराज, जनदर्शन के बाद भाजपा कर रही है पदयात्रा का पाखंड

रायपुर: भाजपा की पदयात्रा को कोरा पाखंड और दिखावा निरूपित करते हुये कांग्रेस संचार विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि एक तरफ शिक्षाकर्मी से लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और तमाम कर्मचारी संगठन सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुये मोर्चा खोले हुये हैं, सरकारी नीतियों की वजह से प्रदेश की आम जनता और किसान लाखों रुपये के कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे, जवान नक्सली बर्बरता का निशाना बन रहे, फर्जी स्कूल – कालेज छात्रों और युवापीढ़ी का भविष्य खराब कर रहे, बेरोजगारी चरम पर है।बढ़ते अपराध असुरक्षा का भय बढा रहे हैं, ऐसे माहौल में जब समाज के सभी वर्ग सरकार से असंतुष्ट और नाराज हैं।नाराज जनमन को रिझाने के लिये भाजपा अब जन आशीर्वाद यात्रा का नया पाखंड रचकर जनता को एक बार फिर छलने जा रही है ।

भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाये हैं। कांग्रेस संचार विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने एक बयान जारी कर भाजपा पर निशाना साधते हुये कहा कि इस बार सरकार की सियासी जमीन पूरी तरह धसक चुकी है। यही कारण है कि स्वयं को भाजपा के सबसे बडे ब्रांड समझने वाले व सूबाई सरकार के मुखिया डा. रमन सिंह स्वयं किसी न किसी योजना के बहाने जनता के बीच बार बार पंहुचने की चेष्टा कर सरकारी पापों को धोने की असफल कोशिश रहे हैं। रमनसिंह सरकार ने साल 2005 मे जनता को विश्वास मे लेने के लिये ग्राम सुराज का ढकोसला शुरु किया था, जो फ्लाप रहा । इसके बाद नगर सुराज और फिर लोक सुराज के बहाने जनता की शिकायतें कम करने और आवश्यकता पूरी करने का ढिंढोरा पीट पीट कर अभियान चलाया।लेकिन आलम यह है कि लोक सुराज मे शिकायतों और मांगों का आंकड़ा कम होने के बजाय साल दर साल बढा और इस सुराज मे 30 लाख आवेदनों ने सरकार के पूरे डेढ़ दशक के कामकाज की समीक्षा रिपोर्ट पेश कर दी है। जनदर्शन और जन समस्या निवारण शिविर के बहाने भी आम जनता मे गुड गवर्नेस का मैसेज देने की कोशिश की लेकिन बिभिन्न प्रयासों के बावजूद ये तमाम अभियान कागजी जहाज से ज्यादा साबित नहीं हुये। दूसरी तरफ नौकरशाही को बेलगाम करने से प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त निरंकुशता से सर्वाधिक नुकसान आम जनता को हुआ है।

पिछले 14 सालों मे भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों से पूरे प्रदेश मे कमीशनखोरी भ्रष्टाचार अपराध और भय का वातावरण बना है। बड़े प्रशासनिक अधिकारी आर्थिक अनियमितताओं के प्रकरणों मे आरोपी हैं जिनमे आइएएस, आइपीएस तक शामिल है। पूंजीवादी ताकतों और माफियाओंं को प्राश्रय मिल रहा है और किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा तक पाने के लिये भटकना पड रहा है। भूविस्थापितों का पुनर्वास तो बहुत दूर की बात है। छत्तीसगढ़ का किसान,व्यापारी,छात्र , गृहणी, बेरोजगार आदि तमाम तबके रमन सरकार के विरोध मे उठ खडा हुआ है। प्रदेश की सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक ने छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों 2018 के चुनाव परिणाम का आकलन कर लिया है, शायद इसीलिये 15 सालों तक सत्ता की मलाई डकारने वाले तमाम पीटे मोहरों को काम पर लगा दिया गया है।चूंकि सरकार अपने घोषणा पत्र से लेकर हर दावे और वादे मे जनता के बीच फेल हो गई है और कोई नया छलावा सूझ नहीं रहा, इसलिये अब कुपित जनता की मान मनव्वल के लिये जनसंपर्क के नाम से जनआशीर्वाद यात्रा का नया स्वांग रचा जा रहा है। जबकि लोगों की आंखे फोडने, गर्भाशय निकालने, कुपोषण बढाने, किसानों को मजदूर बनाकर उन्हें पलायन के लिये मजबूर करने, घोषणा पत्र का पालन न करने, सब्जबाग दिखाकर शोषित करने, गरीब तबके को उनकी आय से ज्यादा उज्जवला जैसी योजना से जोडकर परेशान करने,बेरोजगारी बढाने, अपराध तथा भ्रष्टाचार मे निर्बाध वृद्धि करने, लोक सुराज और जनदर्शन के नाम पर जनता को ठगने और सरकार मे रहकर प्रदेश की प्राकृतिक संपदा की लूट – खसोट करने, न्याय व्यवस्था को बाधित करने और अपराधियों को सफेदपोशों का संरक्षण देकर कुशासन को बढावा देने, लोकहित छोड़ स्वार्थ पूर्ति करने और सरकारी भ्रष्टाचार कर आम जनता को कर्जदार बनाने आदि कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर जनता को भ्रमित करने के करने की रमनसिंह सरकार गुनाहगार है। रमन सरकार को जनता का आशीर्वाद तो मिलेगा नहीं बल्कि पश्चाताप और प्रायश्चित के भाव के बजाय जिस घमंड और अभिमान के साथ व्यवहार कर रही है उससे तय है कि इस बार जनता उन्हें आशीर्वाद नहीं देगी।

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