Chhattisgarh Raipur

प्रदेश में लगभग 2 लाख 55 हजार से अधिक रक्त यूनिट की आवश्यकता

रायपुर। प्रदेश में सिकल सेल, एनीमिया, थैलीसीमिया व अन्य रक्त विकारों को भी रक्त की आवश्यकता होती है। इन बीमारियों से पीड़ित लोगों को नियमित रूप से सुरक्षित रक्त चढ़ाया जाना होता है। कृत्रिम विधि से आज तक रक्त नहीं बनाया जा सका है। राज्य में कुल जनसंख्या के आधार पर जनसंख्या का एक प्रतिशत रक्त यूनिट की आवश्यकता होती है। इस आधार पर प्रदेश में लगभग 2 लाख 55 हजार से अधिक रक्त यूनिट की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान  के प्रति लोगों में जागरूता पैदा करने के लिए ‘स्वैच्छिक रक्तदान सप्ताह’ मनाया जा रहा है। एक अक्टूबर से शुरू यह रक्तदान सप्ताह सात अक्टूबर तक चलेगा। प्रदेश में जन-जागरूकता और व्यापक प्रचार-प्रसार के परिणामस्वरूप गत वर्ष एक लाख 60 हजार यूनिट रक्त संग्रहण हुआ था। रक्तदान सप्ताह के अंतिम दिवस सात अक्टूबर को स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं द्वारा रैली निकालकर कर स्वैच्छिक रक्तदान करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
स्वास्थ विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि स्वैच्छिक रक्तदान का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2015-16 में 1 लाख 61 हजार 713 यूनिट रक्त संग्रहण किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि स्वयंसेवी संगठन, महिला संगठन, समाजसेवी संस्था, धार्मिक संस्था, युवा संगठन, स्कूल व कॉलेज के छात्र-छात्राओं, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेटकोर इत्यादि के विशेष सहयोग से आज स्वैच्छिक रक्तदान के प्रतिशत में वृद्धि हुई है।
अधिकारियों  यह भी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के उच्चतर प्रबंधन तथा आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त का समुचित उपलब्धता के लिए ब्लड बैंक की स्थापना की गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 17 सितंबर से 23 सितंबर को रक्तदान सप्ताह के रुप में मनाया गया था।

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