Chhattisgarh

सीडी कांड केस में मुश्किल में पुलिस, साजिश के सवाल का जवाब देने मांगा 14 का समय

रायपुर :छत्तीसगढ़ में मंत्री की कथित अश्लील सीडी कांड में गिरफ्तार पत्रकार विनोद वर्मा के मामले में पुलिस घिर सकती है। वर्मा की तरफ से कोर्ट में दफा 156(3) की अर्जी लगाते हुए कहा गया कि पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है और फंसाने की साजिश की गई। इस आवेदन पर बहस से पहले अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा तो अफसर कोई जवाब नहीं दे पाए। पुलिस ने 13 नवंबर तक का समय मांग लिया है। अदालत में पत्रकार वर्मा की ओर से वकीलों ने मंगलवार को जमानत अर्जी नहीं बल्कि दावा किया कि पुलिस अब तक वर्मा के खिलाफ कोई सबूत नहीं जुटा सकी है। लगता है कि मामले में पत्रकार को फ्रेम किया गया है।

उल्लेखनीय है कि अदालत में वर्मा के वकीलों ने कहा कि उन्हें भाजपा नेता प्रकाश बजाज को धमकीभरे फोन करने के मामले में पकड़ा गया। लेकिन अब तक पुलिस यह स्थापित नहीं कर सकी कि फोन किस नंबर से किए गए और वह नंबर किसका है। यही नहीं, पुलिस अब तक यह भी साबित नहीं कर पाई कि सीडी वर्मा के घर से ही जब्त किए गए। वकीलों ने कहा कि वर्मा को गिरफ्तार करने का कोई आधार ही पुलिस के पास नहीं है। वकील ने कहा कि पत्रकार को पुलिस ने सेक्स सीडी केस में ब्लैकमेलिंग और धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया, लेकिन न तो आरोप के संबंध में कोई सबूत हैं और न ही कार्रवाई के आधार हैं। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि यह मामला वर्मा को फंसाने का लगता है, इसलिए उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया जाना चाहिए। तीन दिन पहले वर्मा की ओर से वकीलों ने यह अर्जी भी लगाई थी कि पुलिस ने सीडी कांड में वर्मा को फंसाने की साजिश की, इसलिए तमाम सवालों के जवाब दिए जाने चाहिए। वकीलों के मुताबिक इस जिरह के बाद पुलिस अफसरों ने चुप्पी साध ली और अदालत से आग्रह किया कि जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया जाए। अदालत ने पुलिस को आग्रह को स्वीकार करते हुए 13 नवंबर को पेशी के दिन जवाब प्रस्तुत करने और वर्मा को तब तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए हैं।

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