Chhattisgarh kawardha

मेकल पर्वत में विराजी माता के दरबार में पहुंच रहे भक्त

कवर्धा. पुरातत्व विभाग व प्राचीन संस्कृति की धरोहर और वनांचल की मैकल पर्वत की गोद में विराजमान माँ कंकालिन मंदिर पचराही में आस्था और मनोकामना पूर्ण जोत जावरा का आयोजन किया गया है। माँ कंकालिन मंदिर पचराही में नवरात्रा के शुभावसर पर 165 ज्योत जलाई गई है। जिसमे पंडा पुजारी रामजी नाथ योगी है सहयोगी पंडा जनऊ राम, सुरेश, राजू यादव, संजू मरकाम है।

माँ की पूजा अर्चना में श्रद्धालुओ का उत्साह देखते ही बनता है। दूर दूर से श्रद्धालुओ ने यहां आकर मनोकामना पूर्ण ज्योत जलवाये है। दोनों पक्ष में नवरात्रि पर्व का लगातार 19 वां वर्ष है । प्रतिवर्ष यहां  श्रद्धालुओ की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

यहां का मनोरम दृश्य श्रद्धालुओ का मनमोह लेता है। मंदिर के चारो ओर प्राकृतिक छटा  बिखरी रहती है। माँ कंकालिन की आँचल को छूते हुए हंस नदी (हाफ नदी) कल कल करती हुई आगे बहती है । जो आने वाले श्रद्धालुओ के लिए पिकनिक स्पॉट साबित होता है।

माँ कंकालिन समिति के अध्यक्ष भरतसिंह ठाकुर , संरक्षक आर एल पाटिल , सुशील शर्मा , कन्हैया वर्मा , शिलाप सिंह धुर्वे , सचिव राजेंद्र जायसवाल , कोषाध्यक्ष टेकराम चंद्रवंशी , मिडिया प्रभारी कमल दास मुरचले , उत्तम मर्सकोले , प्रेम सिंह , मायाराम , दशरथ , सुखराजु , चैनसिंह, राम कुमार साहू आदि लोग दिन रात माँ की सेवा में लगे है।

क्षेत्र में भी जोत-ज्वार के साथ माँ की भक्ति में लींन भक्त क्षेत्र के ग्रामो में भी जोत ज्वार के साथ माँ की मूर्ति विराजमान कर श्रद्धालुओ के द्वारा पूजा अर्चना कर मनोकामना पूर्ण होने की व विश्व शांति की कामना कर रहे है। ग्रामो – सिंघारी  , महली , कामाडबरी , बैजलपुर , बोदा-3 ,
कबराटोला, सिरमी, खंडसरा आदि गाँवो में भी माँ की.

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