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100Cr की प्राॅपर्टी, 3 साल की बेटी छोड़कर कपल बनेगा संत, 4 साल पहले हुई थी शादी

चित्तौड़गढ़.फैमिली की 100 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी और हर महीने लाखों की कमाई छोड़कर एक कपल ने संत बनने का फैसला लिया है। सुमित राठौड़ (34 साल) नीमच में बड़े बिजनेस घराने से ताल्लुक रखते हैं और लंदन से बिजनेस का डिप्लोमा कर चुके हैं। वहीं, पत्नी अनामिका ने इंजीनियरिंग की डिग्री ली है। दोनों की शादी 4 साल पहले हुई थी। फैमिली की लाख कोशिशों के बाद भी दोनों अपना फैसला बदलने को तैयार नहीं हुए। वे 23 सितंबर को सूरत में जैन भगवती दीक्षा लेंगे। कपल की 3 साल की एक बेटी भी है।

आत्मकल्याण का बोध होने पर लिया फैसला…
सुमित की पत्नी अनामिका (34 साल) चित्तौड़गढ़ की रहने वाली हैं। ससुर अशोक चंडालिया बीजेपी के नेता हैं। सुमित से उनकी शादी 4 साल पहले हुई। भरे-पूरे परिवार में उनकी 3 साल की बेटी इभ्या भी है।

सुमित और अनामिका का कहना है कि उन्हें आत्मकल्याण का बोध हो गया। इसलिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि बेटी आठ महीने की हुई तभी से शीलव्रत यानी ब्रह्मचर्य का पालन किया। बच्ची का हवाला देने पर वे बोले- यह बच्ची ही तो पुण्यशाली है। तभी तो इसके गर्भ में आते ही हमारे भीतर आत्म कल्याण का बोध हो गया।

सुमित: लंदन से डिप्लोमा और फैक्ट्री मालिक
सुमित राठौड़ लंदन से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में डिप्लोमा कर चुके हैं। दो साल लंदन में जॉब करने के बाद दादा नाहरसिंह राठौर के कहने पर नीमच आ गए। जहां उनकी करीब 10 करोड़ की फैक्ट्री में 100 लोग काम करते हैं। इंफोसिस में इंजीनियर बड़े भाई भी नौकरी छोड़कर इसी बिजनेस से जुड़ गए हैं। इनका एक्सपोर्ट कारोबार भी है।

अनामिका: 8th में गोल्ड मेडलिस्ट, 10th-12th में मेरिट
अनामिका आठवीं बोर्ड में जिले की पहली गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए राजस्थान बोर्ड की 10th क्लास में 18वीं और 12th में 28वीं रैंक हासिल की। इसके बाद मोदी इंजीनियरिंग कॉलेज लक्ष्मणगढ़ (सीकर) से बीई किया। हिंदुस्तान जिंक में भर्ती निकली। मेरिट में 23 हजार कैंडिडेट्स में अनामिका 17वें नंबर पर रहीं। करीब 10 लाख के सालाना पैकेज पर नौकरी शुरू की, लेकिन 2012 में सगाई के बाद जॉब छोड़ दी।

अंग्रेजों का बनाया कमर्शियल कैंपस
सुमित-अनामिका की वेल्थ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनके दादा नाहरसिंह का नीमच कैंट में 1.25 लाख वर्गफीट में अंग्रेजों का बनाया हुआ बड़ा कॉमर्शियल कैंपस है। नीमच सिटी में रहने के लिए बंगला अलग से है। सीमेंट कट्टों की फैक्ट्री के साथ खेती, फाइनेंस आदि बिजनेस से इलाके में फैमिली की आर्थिक, धार्मिक और सामाजिक तौर पर अच्छी पहचान भी है।

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