Chhattisgarh Durg-Bhilai

दुर्ग : आठ नर्सिंग होम को प्रशासन ने थमाया नोटिस

दुर्ग: ट्विनसिटी के आठ नर्सिंग होम बिना दस्तावेज नवीनीकरण करवाए चल रहे हैं। किसी नर्सिंग होम का दो साल से तो कही एक साल से दस्तावेज की अवधि खत्म हो चुकी है। खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस थमाया है।

नर्सिंग होम एक्ट का पालन को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग जिलेभर के नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। सबसे ज्यादा दुर्ग भिलाई क्षेत्र में नर्सिंग होम है इसलिए शुरुआत यहीं से की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ट्विनसिटी के रजिस्टर्ड 42 नर्सिंग होम की जांच कर रही है।

प्रांरभिक जांच में 8 नर्सिंग होम ऐसे मिले हैं, जहां खामियां पाई गई है। ये खामियां है दस्तावेजों का नवीनीकरण। दस्तावेज नवीनीकरण नहीं होने पर नर्सिंग होम संचालन एक्ट के तहत अवैध माना जाता है।

इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने आठ नर्सिंग होम को नोटिस देकर उन्हे जवाब मांगा है कि कितने दिनों में इसका नवीनीकरण करवा पाएंगे। अन्यथा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस तरह मिली है खामियां नर्सिंग होम में

– एसआर हॉस्पिटल अलंकार कांपलेक्स भिलाई

रिपोर्ट के मुताबिक इस हॉस्पिटल के पास नगरनिगम की अनुज्ञप्ति लाइसेंस खत्म हो गई है।30 मार्च 2017 तक यह लाइसेंस वैध था। यहां तक पर्यावरण विभाग का एनओसी दो साल पहले ही खत्म हो गया है। सन्‌ 2015 को इस विभाग का एनओसी समाप्त हो गई है।

वर्धमान हॉस्टिपल राजेन्द्र पार्क चौक दुर्ग

रिपोर्ट के मुताबिक इस हॉस्पिटल के पास नगरनिगम की अनुज्ञप्ति लाइसेंस 16 दिसंबर 2017 तक थी। सेफ्टी फायर एनओसी भी समाप्त हो गई है। पर्यावरण विभाग की एनओसी ढ़ाई साल पहले समाप्त हो गई लेकिन आज तक नवीनीकरण नहीं करवाया।

सीटी केयर हॉस्पिटल भिलाई तीन

रिपोर्ट के मुताबिक यह हॉस्पिटल करीब तीन साल से नगरनिगम की बिना अनुज्ञप्ति लाइसेंस के चल रही है। 12मई2014 को इसकी अवधि पूरी हो गई थी। फायर सेफ्टी का यह हाल है कि चार साल से मियाद खत्म हो गई है। 12 दिसंबर 2013 को एनओसी खत्म हो चुकी है। पर्यावरण विभाग की एनओसी ढ़ाई साल से समाप्त है। इसकी अवधि 29 मई 2015 को समाप्त हो गई है।

जामुल नर्सिंग होम जामुल

रिपोर्ट के मुताबिक इस नर्सिंग होम का दो साल से फायर सेफ्टी एनओसी और पर्यावरण विभाग का एनओसी की मियाद खत्म हो चुकी है। फायर सेफ्टी की मियाद 17 दिसंबर 2015 तक थी। इसी तरह पर्यावरण विभाग ने 19 फरवरी 2015 तक एनओसी दी थी। उसके बावजूद यह नर्सिंग होम का संचालन जारी है।

ईश्वर ओवर हेल्थ डेंटल क्लिीनिक सेक्टर 10 जोनल मार्केट भिलाई

रिपोर्ट के मुताबिक इस डेंटल क्लिीनिक ने डेढ़ साल से नगरनिगम से अपने अनुज्ञप्ति लाइसेंस का रिनीवल नहीं करवाया। मार्च 2016 तक इस लाइसेंस की अवधि थी। इसी तरह फायर सेफ्टी के एनओसी की मियाद दो साल से समाप्त हो गई है। इसकी मियाद 21 अक्टूबर 2015 तक थी।

अल्टिस हॉस्पिटल कोहका रोड जुनवानी

रिपोर्ट के मुताबिक इस हॉस्पिटल के पास भी नगरनिगम की अनुज्ञप्ति लाइसेंस रिनीवल नहीं हैं। फायर सेफ्टी की एनओसी नहीं मिली। पर्यावरण विभाग से भी एनओसी का नवीनीकरण नहीं करवाया।

ऋचा गुप्ता क्लिीनिक शास्त्री मार्केट पावर हाउस भिलाई

रिपोर्ट के मुताबिक इस क्लिीनिक का फायर सेफ्टी एनओसी डेढ़ साल पहले ही समाप्त हो गई है। 19 जून 2016 तक इसकी अवधि थी।

डेंटल केयर मुक्तनगर दुर्ग

रिपोर्ट के मुताबिक इस डेंटल केयर का फायर सेफ्टी की एनओसी की मियाद खत्म हो गई है। एक मई 2017 तक इसे एनओसी दिया गया था।

आठों निजी अस्पतालों को नोटिस

नर्सिंग होम एक्ट का पालन कितने निजी अस्पताल और नर्सिंग होम कर रहे हैं उनकी जांच करवाई जा रही है। जो जरूरी दस्तावेज है उनकी मियाद आठ स्थानों पर समाप्त पाई गई है। संचालकों को नोटिस जारी कर कब तक रिनीवल करवाएंगे इसका जवाब मांगा गया है। नहीं करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। – डॉ. सुभाष पांडेय, सीएमएचओ, दुर्ग

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