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Bilaspur Chhattisgarh

छात्रा से अश्लील हरकत करने के मामले में सहायक कुलसचिव पर FIR

बिलासपुर: पर्चा लीक कांड, सामूहिक नकल, पीएचडी में फर्जीवाड़ा के बाद अब बिलासपुर विश्वविद्यालय में छात्रा से अश्लील हरकत करने के मामले में शिक्षा जगत शर्मसार हुआ है। जांच के बाद बुधवार को कोतवाली पुलिस ने सहायक कुलसचिव सीएचएल टंडन पर गैर जमानती धारा 354 क और 509 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।

कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक छात्रा ने सहायक कुलसचिव टंडन के खिलाफ कोर्ट व थाने में लिखित शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने विश्वविद्यालय में जांच पड़ताल कर पूछताछ की। इसमें यह पता चला कि वास्तव में छात्रा कई दिनों से चक्कर काट रही थी। उसे कमरे में बैठाकर रखा जाता था।

जांच के बाद बुधवार को पुलिस ने टंडन के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि आरोपी चुन्नीलाल टंडन पिछले दो महीनों से उसे नामांकन फार्म के बहाने अपने कार्यालय के चक्कर लगवा रहा था।

सुबह और शाम अपने चेंबर में बैठकर अश्लील हरकत करता था, पीड़िता आए दिन इसका विरोध करती थी। लेकिन कॅरियर को ध्यान में रखते हुए उसने मामले की शिकायत कहीं नहीं की। इससे उसका हौसला और बढ़ गया। छात्रा से अश्लील हरकतें करने लगा, लिहाजा इससे परेशान होकर उसने हाईकोर्ट और पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत भी की थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने विवेचना कर आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।

बीयू में मचा था हंगामा

छात्रा ने 8 मार्च को बिलासपुर विश्वविद्यालय में इसे लेकर जमकर हंगामा भी किया था। परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में अधिकारियों के बीच मामले को दबाने का प्रयास भी किया गया। आखिरकार 9 मार्च को उसने न्यायालय व एसपी से शिकायत की। इसमें उसने दुर्व्यहार का आरोप लगाते हुए घटनाक्रम की जानकारी दी।

दूसरी ओर प्रबंधन ने छात्रा को यह कह दिया कि यह मामला हाईकोर्ट में है। 118 छात्रों के परीक्षा फार्म भरने के लिए समय की मांग करते हुए हाईकोर्ट में आवेदन दिया था। इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इन्हीं 118 छात्रों में वह छात्रा भी है। अचानक उसने कुछ छात्रों के साथ फार्म भरने के लिए अनुमति लेने यूनिवर्सिटी पहुंचकर हंगामा किया।

कुलपति से मिली थी अनुमति

यह भी पता चला है कि पीड़ित छात्रा कुलपति प्रो.जीडी शर्मा के पास भी पहुंची थी। कुलपति ने छात्रहित में निर्णय लेते हुए तत्काल परीक्षा फार्म भरने परीक्षा नियंत्रक को अनुशंसा की। इसके बाद छात्रा समेत कुछ अन्य परीक्षार्थियों से परीक्षा शुल्क भी जमा किया गया। प्रवेश पत्र जारी होने ही वाला था। तभी अचानक सहायक कुलसचिव टंडन ने यह कहते हुए रोक दिया कि न्यायालय ने मना किया है। इसलिए उनका प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जा सकता। वास्तव में अगर ऐसा था तो कुलपति प्रो.शर्मा ने छात्रा को अनुमति क्यों दी, इसे लेकर अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। कहा गया कि कुलपति के पास यह अधिकार होता है कि वह छात्रहित में अनुमति दे सकते हैं। परीक्षा से किसी को वंचित नहीं किया जा सकता।

– डीएलएस कॉलेज की एक छात्रा ने कुछ दिनों पहले बीयू के सहायक कुलसचिव के खिलाफ शिकायत की थी। मामले की जांच के बाद उन पर गैर जमानती धारा 354 क और 509 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी। – आरपी शर्मा , थाना प्रभारी, सिटी कोतवाली

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