GST
Chhattisgarh Raipur

छत्तीसगढ़ में GST रिटर्न बैकफुट पर, अब शुरु होगा व्यापारियों का सर्वे

पूछेंगे पंजीयन के बाद भी क्यों नहीं भरा टैक्स

रायपुर: जीएसटी की जटिलता में उलझे छत्तीसगढ़ के व्यापारी सिंतबर का रिर्टन दाखिल करने में तेजी से पिछड़ गए हैं। जुलाई में जहां 75 प्रतिशत रिटर्न आए थे, वहीं सितंबर में यह आंकड़ा गिरकर लगभग 50-55 प्रतिशत रह गया है। जब तक व्यापारियों का पहला रिटर्न क्लीयर नहीं हो जाता, वे अगला भी नहीं भर सकते क्योंकि जीएसटी का साफ्टवेयर इसे स्वीकार ही नहीं करता। जानकारों का कहना है कि साफ्टवेयर की विफलता के कारण रिटर्न भरना बेहद कठिन हो गया है। इसी बीच जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार ने राज्य से कहा है कि वह सर्वे करके व्यापारियों से यह जानकारी हासिल करे कि जीएसटी पंजीयन कराने के बाद भी व्यापारियों ने रिटर्न क्यों फाईल नहीं किया। यह जांच पड़ताल शुरु होने के बाद व्यापारियों से पूछताछ की जाएगी।

केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं देशभर में सितंबर में रिटर्न दाखिले में कमी आई है। यह केंद्र सरकार के लिए भी चिंता का विषय है। राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ो के मुताबिक अगस्त में देशभर में 68.20 लाख व्यापारियों ने जीएसटीआर 3 बी दाखिल किया था। लेकिन अक्टूबर में यह आंकड़ा घटकर 42.96 लाख आ गया है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने देश के सभी राज्यों में सर्वे कराने का फैसला किया है। इस बारे में राज्यों को परिपत्र भेजा गया है। राष्ट्रीय आंकड़ो की तरह छत्तीसगढ़ में भी रिर्टन की कमी आई है। व्यापारियों के सबसे अधिक शिकायत साफ्टवेयर को लेकर है। हालत ये है कि दो रूपया कम या ज्यादा होने पर भी साफ्टवेयर रिर्टन एक्सेप्ट नहीं करता। वैट में सौ रूपए कम-ज्यादा होने पर एडजस्ट हो जाता था।

क्या है गड़बड़ी

जानकारों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में जिन लोगों ने जुलाई में रिटर्न दाखिल करने पर भी व्यापारियों पर पेनाल्टी लग रही थी, साफ्टवेयर की खामीं से यह हो रहा था। साफ्टवेयर 7 हजार रुपए पेनाल्टी लेने के बाद ही फार्म एक्सेप्ट कर रहा था। हांलाकि यह व्यवस्था भी बनाई गई कि है यह राशि व्यापारियों को बाद में मिल जाएगी। अगस्त में 25 प्रतिशत व्यापारी रिर्टन नहीं भर पाए। अब जब तक वे पिछला रिटर्न क्लीयर नहीं करेंगे उनका अगला रिटर्न दाखिल नहीं हो सकता। वाणिज्यककर विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि सितंबर में 50-55 प्रतिशत रिटर्न आना चिंता का विषय है। इसकी वजह से सरकार को राजस्व की हानि होगी। सरकार के मंत्री अमर अग्रवाल हाल ही में कह चुके हैं कि राजस्व में कमी आ रही है, लेकिन इसकी भरपाई केंद्र सरकार करेगी।

जीएसटी फार्म जटिल

जीएसटी सलाहकार व अधिवक्ता रमेश वर्लयानी ने कहा है कि जीएसटी के साफ्टवेयर को रि-स्ट्रक्टर करने की जरुरत है। रिटर्न के फार्म अत्यंत जटिल हैं। वकील इसे नहीं भर पा रहे हैं तो व्यापारी कैसे भर पाएंगे।

व्यापारी नेताअों ने जताया अाभार

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंस्ट्रीज के अध्यक्ष अमर परवानी के नेतृत्व में व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को जीएसटी नियम में हुए सरलीकरण में, उनके द्वारा किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। श्री परवानी ने बताया कि जीएसटी नियमों में किए गए सरलीकरण से व्यापारियों की अधिकांश समस्याएं हल हो जाएंगी। प्रतिनिधि मंडल में अमर धावना, पूरनलाल अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, जितेन्द्र बरलोटा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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