mukhiya-ke-mukhari
Chhattisgarh Chokhelal India Uncategorized

मुखिया के मुखारी

इण्डिया रायटर्स (मासिक पत्रिका) की प्रस्तुति                     रायपुर, 12 नवम्बर  2017
 
बीबीसी जैसी संस्था में सेवाएं देने वाले विनोद वर्मा के जेल जाते ही अश्लील सीडी काण्ड में भले ही धुंध पडऩे लगी हो लेकिन यह सवाल आज भी अनुत्तरित है कि ऐसी क्या हड़बड़ी थी कि छत्तीसगढ़ पुलिस को रातों-रात पहले दिल्ली और फिर गाजियाबाद जाकर कार्रवाई करनी पड़ी। राजनीतिक और प्रशासनिक अमले में इस सवाल के अलग-अलग जवाब हैं लेकिन राज्य सरकार में बैठे एक बड़े नुमाइंदे ने जो तर्क दिया वह सच हो या न हो परंतु सच के करीब जरूर है।
जिस शाम पुलिस आनन-फानन में हवाई जहाज से दिल्ली रवाना हुई, उसी सुबह छत्तीसगढ़ सरकार के गलियारों में यह सूचना पहुंची कि प्रदेश के दो प्रभावशाली नेताओं की अश्लील सीडी सार्वजनिक किए जाने की तैयारी की जा रही है। चोखेलाल के पास इन दोनों नेताओं के नाम हैं परंतु उनका उल्लेख करना इसलिए उचित नहीं है क्योंकि इसकी खुलासा होते ही सरकार हरकत में आ जाएगी और इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि चोखेलाल का हश्र भी विनोद वर्मा की तरह हो जाए।
जिन दो नेताओं की अश्लील सीडी होने की खबर थी अगर वैसा हो जाता तो इतना तो तय है कि नैतिकता दिखाने का दावा करते हुए सरकार के मुखिया को त्यागपत्र देना पड़ जाता अथवा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व राज्य सरकार को बर्खास्त कर देता। दोनों ही नेता सत्ता के बेहद करीब हैं और सरकार में खासा दखल रखते हैं। बहरहाल इस ऑपरेशन के लिए राज्य सरकार ने एक बड़े अफसर से नेतृत्व करने के लिए कहा लेकिन सरकार से खफा इस अफसर ने साफ इनकार कर दिया। उसके बाद भी जिस पुलिस अफसर से इस काम को अंजाम देने के लिए कहा गया, उसने भी इस लफड़े में फंसने से इनकार कर दिया। तब सरकार ने वीटो का इस्तेमाल किया और उसके बाद दूसरा अफसर तैयार हुआ और उसने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
मौके से भाजपा के दोनों प्रभावशाली नेताओं की सीडी मिली या नहीं, इसकी जानकारी अब तक तो नहीं मिली है परंतु दावा यह किया जा रहा है कि देर-सबेर दोनों ही नेताओं की सीडी जारी की जाएगी। दिलचस्प बात यह है कि जानकारी देने वाले दावा कर रहे हैं कि इन सीडी में नेताओं के साथ कोई अन्य नहीं बल्कि भाजपा की ही दो नेत्रियां हैं, जो इन दिनों बड़े-बड़े पदों पर आसीन हैं। बहरहाल सीडी काण्ड पर धुंध छाने के बाद भाजपा में सन्नाटा है और सभी बड़े नेता एक-दूसरे को शक की नजरों से देखने से नहीं चूकते हैं।
इस खामोशी के बीच एक समय भाजपा का चेहरा माने जाने वाले एक बड़े नेता ने यह कहकर सनसनी फैला दी है कि सार्वजनिक की गई सीडी में सम्बंधित मंत्री नहीं थे तो उन्हें सीडी देखने की जरूरत ही क्या थी। उन्होंने सीडी देखी और उसके बाद यह दावा किया कि उसमें वे नहीं हैं यानी कि उन्हें या पता है अथवा शक है कि किसी ने उनकी सीडी बनाई है। इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध है और देर-सबेर छत्तीसगढ़ पुलिस की किरकिरी होनी तय है क्योंकि विनोद वर्मा की गिरफ्तारी की गूंज बहुत जल्द सुप्रीम कोर्ट में सुनाई देगी और जैसा कि अतीत में भी हुआ है सोनी सोरी से लेकर पत्रकार संतोष यादव तक के मामले में सुप्रीम कोर्ट छत्तीसगढ़ पुलिस को फटकार लगा चुका है। शायद सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ पुलिस की निगेटिव इमेज बन चुकी है। पर उसे ठीक करने के बजाए छत्तीसगढ़ पुलिस एक के बाद एक ऐसी कार्रवाई कर रही है, जिससे साबित हो रहा है कि वह राज्य सरकार की कठपुतली के रूप में काम कर रही है। आईपीसी और सीआरपीसी की धाराओं का इस्तेमाल वह राज्य सरकार की छवि चमकाने में कर रही है। पर छत्तीसगढ़ से निकलकर जो भी प्रकरण सुप्रीम कोर्ट पहुंचते हैं, वहां छत्तीसगढ़ पुलिस की जिस तरह की खिंचाई की जाती है, वह किसी भी प्रदेश की सरकार के लिए शर्मनाक हो सकती है।
पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और अब भाजपा से अलग होकर राजनीति करने वाले वीरेंद्र पाण्डेय के बयानों से लगने लगा है कि प्रदेश में राजनीतिक आतंकवाद की स्थिति बनती जा रही है और विधानसभा चुनाव के करीब आते-आते प्रदेश के हालात अधिक बदतर होने के संकेत मिलने लगे हैं। इसके लिए सरकार के रणनीतिकार जिम्मेदार हैं क्योंकि मंत्रिमंडल का कोई भी सदस्य इस तरह की राजनीति करने के स्वभाव का नहीं है। जाहिर है सरकार का हर कदम नौकरशाहों की सलाह पर होता है, जो कम से कम छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति व रहन-सहन से वाकिफ नहीं हैं। वे हर काम हिंसा और षड्यंत्र के दम पर करना चाहते हैं जिसका तात्कालिक फायदा तो मिल जाता है लेकिन उसके दूरगामी परिणाम भाजपा को विपक्ष में बिठाने के लिए पर्याप्त हैं।
चोखेलाल
——————
आपसे आग्रह: कृपया चोखेलाल की टिप्पणियों पर नियमित रूप से अपनी राय व सुझाव दें, ताकि इसे बेहतर बनाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *