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Chhattisgarh Raipur

रेप मामलों में राजधानी प्रदेश में पहले नंबर पर

रायपुर: राजधानी बेटियों व महिलाओं की सुरक्षा के मामलों में फेलियर साबित हो रहा है. इस साल रेप के मामलों में राजधानी प्रदेश में पहले नंबर पर है. साल 2017 में प्रदेश भर में 60 सामूहिक दुष्कर्म सहित 1847 रेप के मामले दर्ज किए गए हैं. इसमें राजधानी रायपुर में रेप के सर्वाधिक 189 केस दर्ज किए गए हैं.

रेप के दर्ज मामलों में प्रदेश में दूसरे नंबर पर दुर्ग व तीसरे नंबर पर सरगुजा जिला है. यहां क्रमश: 129 व 110 मामले दर्ज हुए हुए हैं.​ बलात्कार और सामुहिक बलात्कार के हालिया आंकड़ें इस जघन्य अपराध के गवाह बने हैं. हाल ही में विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पूछे गए सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय की ओर से रिपोर्ट जारी की गई है.

विधानसभा में पेश एक रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में हर दिन दुष्कर्म के औसतन पांच मामले दर्ज किए जाते हैं.

इसमें 1776 मामलों में एक और 60 मामलों में एक से अधिक आरोपियों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है. रायपुर, दुर्ग व सरगुजा के बाद 27 जिलों में सर्वाधिक रेप के मामले बिलासपुर में 107 व रायगढ़ में 105 दर्ज किए गए हैं.

बता दें कि शीतकालीन सत्र के दौरान गृह मंत्रालय से जा जारी रिपोर्ट में साल 2014 में प्रदेश में दुष्कर्म के 1502 मामले दर्ज किए गए थे. इसके बाद साल 2015 में 1629 और साल 2016 में रेप के 1700 मामले दर्ज हुए. इन आकंड़ों पर ध्यान दें तो 2017 में रेप के 12 फिसदी ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं.

दुर्ग जिले की महिला थाना प्रभारी मोनिका पांडेय का मानना है कि इन आंकड़ों को महिलाओं की जागरुकता से जोड़कर देखा जाना चाहिए.

मोनिका पांडेय दुर्ग में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनी रक्षा टीम की भी हेड हैं. मोनिका का कहना है कि हाल के सालों में महिलाओं के विरोध करने व सामने आकर रिपोर्ट करने की क्षमता बढ़ी है. इसलिए मामले अधिक दर्ज हो रहे हैं.

मामले में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव का कहना है कि साल दर साल बढ़ते दुष्कर्म के मामलों से यह साफ है कि महिलाओं की सुरक्षा में सरकार विफल हो रही है. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को सोचने की जरूरत है.

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