Chhattisgarh Raipur

IPS पवन देव लैंगिक उत्पीड़न मामला- महिला कांस्टेबल ने 4 थी बार भेज ज्ञापन

रायपुर। महिला कांस्टेबल ने 4 थी बार डीजीपी सहित प्रधानमंत्री गृहमंत्री मुख्यमंत्री राष्ट्रीय मानवाधिकार महिला आयोग गृह सचिव को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में पुनः की आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट के आधार पर लैंगिक उत्पीड़न में दोषी पाये गये बिलासपुर के तत्कालीन आईजी पवन देव पर तत्काल कानूनी कार्यवाही की मांग की।

ज्ञात हो कि रेणु पिल्लै (आईएएस) की अध्यक्षता में राज्य सरकार द्वारा गठित 4 सदस्यीय आंतरिक शिकायत समिति की जांच में मुंगेली की महिला कांस्टेबल द्वारा बिलासपुर के तत्कालीन आईजी पवन देव पर लगाये गये लैंगिक उत्पीड़न के आरोप सही पाये जाने के बाद महिला कांस्टेबल द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर पवन देव पर कानूनी कार्यवाही की मांग डीजीपी से करने इससे पूर्व तीन बार ज्ञापन भेज चुकी थी।
यह हाई प्रोफ़ाइल मामला देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री ,राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग , राष्ट्रीय महिला आयोग तक जा पहुँचा है।
मामले में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अवर सचिव के हस्ताक्षर से दिनांक 5 जुलाई 2017 को जारी पत्र प्रमुख सचिव( गृह) छ ग को प्राप्त हुआ है जिसमे पवन देव पर अब तक कि गयी कार्यवाही का विवरण मांगा गया था तथा शिकायतकर्ता को भी कार्यवाही की जानकारी देने कहा गया है ।

मामले में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को दूसरी बार भी पत्र भेज कर पवन देव पर की गयी कार्यवाही का विवरण भेजने लिखा गया है प्रथम पत्र माह मार्च 2017 में राज्य के मुख्य सचिव को भेजा गया था ।

इसके अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी राज्य के गृह सचिव को दो पत्र इस मामले की जानकारी भेजने तथा पीड़िता व उसकी अधिवक्ता को जानकारी देने कहा गया था ।
गृह सचिव कार्यालय द्वारा दोनों ही विभाग के निर्देश के बाद भी देव पर अब तक क्या कार्यवाही की गयी इसकी जानकारी पीड़िता व अधिवक्ता को नही भेजी गयी है ।

क्या था मामला – 30 जून 2016 को मुंगेली जिले की एक महिला कांस्टेबल ने आईजी पवन देव पर फ़ोन पर अश्लील बात करने व दबाव पूर्वक अपने बंगले बुलाने का आरोप लगा कर शिकायत की थी जिस पर राज्य शासन ने एक उच्चस्तरीय आंतरिक शिकायत समिति का गठन 4 जुलाई 2016 को किया गया समिति ने जांच कर अपनी सम्पूर्ण रिपोर्ट 2 दिसम्बर 2016 को डीजीपी को सौप दी ।

क्या है जांच रिपोर्ट में – जांच समिति द्वारा डीजीपी को सौंपी गयी जांच रिपोर्ट में महिला कांस्टेबल की शिकायत को सही पाया तथा पवन देव पर लैंगिक प्रताड़ना के आरोपो को सिध्द पाया है ।
मामले में क्या कहते है कानून के जानकार एवम् नियम –
महिलाओं का कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीड़न ( निवारण ,प्रतिषेध, प्रतितोष ) अधिनियम 2013 के अनुसार शिकायत की जांच अनिवार्य रूप से 90 दिवस के भीतर करनी होगी एवम् इस अधिनियम की धारा 13 ( 4 ) में प्रावधान है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के 60 दिवस के भीतर विभाग प्रमुख को आरोपी व्यक्ति पर कार्यवाही करनी होगी ।
अब तक क्या हुआ मामले में – जांच रिपोर्ट आने के बाद पीड़िता के द्वारा अब तक तीन बार ज्ञापन डीजीपी को पवन देव पर कार्यवाही करने दिया जा चुका है साथ ही पीड़िता ने उसे शिकायत पर कार्यवाही न करने हेतु लगातार मिल रही धमकी व प्रलोभन की शिकायत भी की है जिसमे आज तक कोई कार्यवाही नही की गयी है

केवल पवन देव का प्रमोशन शासन द्वारा रोका गया था किंतु राज्य शासन ने लैंगिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप में दोषी पाये जाने के बाद भी प्रमोशन दे दिया गया ।
जिनको करना था विभागीय जांच का आदेश उन्ही ने दिया विभागीय जांच नही होने का हवाला देकर प्रमोशन ।

शासन ने पीड़िता की शिकायत के तत्काल बाद पवन देव को बिलासपुर से हटा कर मुख्यालय अटैच कर शिकायत समिति का गठन कर दिया शिकायत समिति ने भी पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से जांच कर अपनी रिपोर्ट दे दी किंतु रिपोर्ट आने के नौ महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पवन देव पर कोई कार्यवाही न होना अनेक प्रकार के संदेह को जन्म देता है ।

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