Ambikapur Chhattisgarh

आतंकियों की सर्चिंग में झारखंड व छत्तीसगढ़ ने चलाया अभियान

अंबिकापुर: बलरामपुर जिले के सामरी थानांतर्गत ग्राम कुदाग व सरहद से लगे झारखंड के कुकुद बाक्साइट माइंस में धावा बोल वाहनों में आगजनी तथा दो कांटाघर को ब्लास्ट कर उड़ाने की घटना के बाद पुलिस ने सर्चिंग तेज कर दी है। झारखंड की ओर से नक्सलियों के खिलाफ अभियान की शुरुआत की गई है।

रविवार को सरगुजा आईजी हिमांशु गुप्ता, बलरामपुर कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी बलरामपुर डीआर आंचला ने घटनास्थल के साथ सबाग, सामरी क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। सामरी थाने में नक्सलियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्घ किया गया।

लंबे अरसे बाद झारखंड की ओर से घुसे नक्सलियों ने अलग-अलग दलों में बंटकर शुक्रवार की रात सामरी थाना क्षेत्र के सरहदी इलाकों में जमकर उत्पात मचाया था। हिंडालको के कुदाग और कुकुद माइंस में धावा बोलकर वाहनों ओर मशीनरी में आग लगाने के साथ ही नक्सलियों ने दो कांटाघर को भी विस्फोट कर उड़ा दिया था।

झारखंड की ओर से घुसे नक्सली तीन घंटे से भी अधिक समय तक बलरामपुर जिले के सीमावर्ती इलाकों में मौजूद थे। कांटाघर के कर्मचारियों के साथ नक्सलियों ने मारपीट भी की थी। दो घायल कर्मचारियों का इलाज अभी भी मेडिकल कालेज अस्पताल अंबिकापुर में चल रहा है।

वारदात को अंजाम देने के बाद नक्सली उसी रास्ते से वापस झारखंड में प्रवेश कर गए थे, जिधर से उन्होंने छग के बलरामपुर जिले की सीमा में प्रवेश किया था। कई वर्षों बाद नक्सलियों को वारदात के लिए यह आसान मौका मिला था।

घटना के बाद सरहदी इलाकों में लोग फिर से दहशत में आ गए हैं। सामरी थाने में प्रार्थी हिंडालको के मैनेजर जीएल अमेटा के रिपोर्ट पर पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 323, 435, 227 विस्फोटक अधिनियम की धारा 3 व 5 के तहत अपराध दर्ज किया है।

इन नक्सलियों के खिलाफ नामजद अपराध

सामरी थाना क्षेत्र के कुदाग माइंस में आगजनी के अलावा कांटाघर उड़ाने के मामले में जिन नक्सलियों को पुलिस ने नामजद किया है, उसमें एरिया कमांडर वीरसाय भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने अरविंद, मृत्यंजय, प्रदीप, नवीन, पंकज, मनोज, राजू, वीरेंद्र, भूपेंद्र, गहदून, विनय, विमल, विनोद, पंकज को नामजद सहित अन्य नक्सलियों के खिलाफ मामला पंजीबद्घ है।

आईजी, कलेक्टर पहुंचे घटनास्थल

रविवार को सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हिमांशु गुप्ता, बलरामपुर कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी बलरामपुर डीआर आंचला सहित पुलिस व सीआरपीएफ के अन्य अधिकारी घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने संपूर्ण घटना के संबंध में जानकारी लेने के साथ ही सबाग, सामरी व अन्य दूरस्थ इलाकों का भी दौरा किया।

भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारियों से चर्चा कर रणनीति तैयार की गई और उसी रणनीति के अनुरूप नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और तेज करने का भी निर्देश दिया गया।

सीआरपीएफ की तीन कंपनी सर्चिंग में

घटना के बाद छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड की ओर से नक्सलियों के खिलाफ बड़े अभियान की शुरुआत की गई। बलरामपुर जिले की ओर से सीआरपीएफ की तीन कंपनियों के अलावा छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल को तैनात किया गया है।

सामरी थाना प्रभारी राजेंद्र साहू के साथ पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारी, जवान उस क्षेत्र की घेराबंदी में लगे हुए हैं, जिधर से नक्सलियों ने बलरामपुर जिले की सीमा में प्रवेश किया था। लगातार सर्चिंग के बाद यह दलील भी दी जा रही है कि नक्सलियों का दल वापस झारखंड में प्रवेश कर गया है।

झारखंड पुलिस के अधिकारियों से भी चर्चा

छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमा पर दो बाक्साइट खदानों व कांटाघर में नक्सली उत्पात के बाद झारखंड की ओर से नक्सलियों के खिलाफ अभियान को तेज किया गया है। छत्तीसगढ़ पुलिस व सीआरपीएफ भी नक्सलियों की घेराबंदी में लगी है।

सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हिमांशु गुप्ता ने झारखंड पुलिस के आलाधिकारियों से चर्चा कर संयुक्त रणनीति के तहत नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस व सीआरपीएफ के अधिकारियों को मार्गदर्शन दिया है।

बलरामपुर पुलिस को आदेशित किया गया है कि सीआरपीएफ के साथ मिलकर बेहतर समन्वय बना कार्रवाई करें। आपरेशन को और तेज कर नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने की रणनीति के तहत सीमावर्ती क्षेत्र में बलों की तैनाती भी की गई है।

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