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Chhattisgarh Mahasamund

महासमुंद हाईवे पेट्रोलिंग पार्टी ने तीन माह में बचाई 85 लोगों की जान

महासमुंद:  राष्ट्रीय राजमार्ग 53 और 353 जिले के शहरों के बीच होकर गुजरता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। महासमुंद हाईवे पेट्रोलिंग पार्टी ने अगस्त से सितंबर तक 85 लोगों की जान बचाई है।

जो हाईवे पेट्रोलिंग योजना की सार्थकता को सिद्ध करता है। 2017 में गांजा तस्करी में बेतहाशा वृद्धि, चोरी, जुआ और सट्टे के मामलों में वृद्धि, हत्या, लूट, नकबजनी में कमी आई है। सड़क दुर्घटनाओं में भी इस वर्ष कमी देखी गई है। सालभर की रिपोर्ट पुलिस कंट्रोल रूम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नेहा चंपावत ने पत्रकारों के सामने रखी।

212 घायलों की की गई मदद : 
पत्रकारवार्ता पूर्व के एसएसपी ने हाईवे पेट्रोलिंग पार्टी के 16 जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हाईवे पेट्रोलिंग पार्टी के इन 16 जवानों की मुस्तैदी ने अब तक 85 लोगों की जान बचाई है। पेट्रोलिंग को 173 सूचनाएं मिली। इनकी सक्रियता से करीब 212 घायलों की मदद की गई । इसमें 20 लोगों की मौत हुई। पेट्रोलिंग पार्टी को प्रशस्ति पत्र देकर एसएसपी ने और अधिक तत्परता से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि सिंघोड़ा थाने की शुरुआत है। इस थाने में न ही सीआरपीएफ और न ही एसटीएफ यहां केवल जिला बल के जवान तैनात हैं । इन्हें विशेष ट्रेनिंग देकर यहां नियुक्त किया गया है। क्षेत्र में थाना खोलने से नक्सली भी बैकफुट पर दिखाई दे रहे हैं। सुदूर गांवों में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी इस बात का सबूत है कि पुलिस पर ग्रामीणों का भरोसा बढ़ा है।

गांजा और जुआ, सट्टा के मामले में वृद्धि : 

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016 में नार्कोटिक एक्ट के 39 मामले पंजीबद्ध किए गए जो इस वर्ष 66 हो गए। ओडि़शा से छत्तीसगढ़ के रास्ते अन्य प्रदेशों में गांजे की तस्करी के लिए महासमुंद से गुजरने वाली हाईवे सहित अन्य रास्ते का उपयोग बरसों से किया जाता रहा है। गांजा तस्करी का मामला बढ़ रहा है।

गांजा तस्कारों को पकडऩे में पुलिस को कई सफलताएं भी मिली है। परंतु इस पर पूर्णत: रोक लगाने में पुलिस कामयाब नहीं हो पाई है। इसी प्रकार जुआ सट्टा व चोरी के मामले में भी वृद्धि हुई है। इनमें छोटी चोरियां अधिक है। गत वर्ष की अपेक्षा आबकारी के मामले में भी वृद्धि तो हुई पर पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के कई मामले पकड़े हैं।

 त्वरित कार्रवाई से पुलिस को मिली सफलता : 

पत्रकारवार्ता में एसएसपी ने कहा कि पिछले वर्ष हत्या के 31 मामले दर्ज थे। इस वर्ष 23 हत्याएं हुई हैं। डकैती के 1-1 मामले दर्ज हैं। जहां पुलिस को बहुत कम समय में सफलता मिली है। 10 दिनों के अंदर कार्रवाई करते हुए डकैतों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पिछले वर्ष 10 मामले लूट के दर्ज हुए थे। इस वर्ष 6 मामले दर्ज हुए हैं।

इस मामले में भी टीम बनाकर आरोपियों को पकडऩे में सफलता मिली है। बागबाहरा में व्यवसायी प्रतिस्पर्धा के चलते युवक की निर्मम हत्या, सरायपाली में जमीन विवाद पर 6 साल की बच्ची की हत्या, अनाचार के प्रयास से नाबालिग की हत्या, बालक का अपहरण ऐसे कई गंभीर अपराधों में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।</>

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