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ऑनलाइन आवेदन परीक्षार्थियों के लिए बना सिर दर्द

कांकेर: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना परीक्षार्थियों के लिए सिर दर्द साबित हो रहा है। सर्वर खराब होने, स्पीड स्लो होने व अन्य तकनीकी खामियों के कारण महाविद्यालय के छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने में दिक्कतें आ रहीं है। परीक्षा फॉर्म फिलअप ना होने से परेशान छात्र कॉलेज के चक्कर लगा रहे हैं। कॉलेज प्रशासन के पास भी इसे लेकर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं है। जिसके चलते कॉलेज प्रशासन भी विश्वविद्यालय स्तर पर चर्चा कर समस्या को हल करने की बात कह रहा है।

महाविद्यालयीन छात्रों के लिए परीक्षा फॉर्म भरने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि एक फॉर्म भरने में परीक्षार्थियों को 1 घंटे का समय लग जा रहा है। तकनीकी खामियों के कारण कुछ विषयों के फॉर्म अब तक नहीं भरे जा सके हैं। दूसरी ओर कॉलेज के छात्रों को विश्वविद्यालय जाने और विश्वविद्यालय स्तर पर ही समस्या का समाधान होने की बात कही जा रही है। फार्म भरने में हो रही दिक्कतों से परेशान छात्र दुर्गा प्रसाद नेताम ने बताया कि वह बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है और नामांकन नंबर नहीं होने के कारण अब तक उसक परीक्षा फार्म भरा नहीं जा सका है। उसने बताया कि ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने के लिए रोल नंबर के साथ नामांकन नंबर भी जरूरी है। पिछले वर्ष उसने नामांकन फार्म भरकर निर्धारित शुल्क जमा किया था, लेकिन इसके बाद भी उसे नामांकन नंबर जारी नहीं हुआ है। जिसके कारण नामांकन नंबर जारी कराने के लिए फिर से फार्म भरकर जगदलपुर जाकर विश्वविद्यालय में जमा करना पड़ेगा। बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा शाहनाज बक्स ने बताया कि प्रथम वर्ष में उसने नामांकन फार्म नहीं भरा था, जिसके कारण नामांकन नंबर नहीं होने के कारण उसका फार्म अब तक नहीं भरा जा सका है। प्रथम वर्ष के छात्रों को छोड़कर अन्य छात्रों को परीक्षा फार्म भरने के लिए रोल नंबर के साथ-साथ नामांकन अंक भी अनिवार्य बताया जा रहा है। ऐसी स्थिति में छात्र आनन फानन में अपना नामांकन फॉर्म भरकर विश्वविद्यालय जाकर नामांकन नंबर अलॉट कराने के लिए प्रयासरत है।

सुधार की गुंजाइश नहीं

च्वाइस सेंटर के माध्यम से छात्रों को परीक्षा फार्म भरने के लिए लाइन लगानी पड़ रही है लेकिन परीक्षा फार्म भरने के दौरान उनकी एक छोटी से गलती भी भारी पड़ रही है। जिसका कारण परीक्षा फार्म भरने के बाद उसमें किसी प्रकार की सुधार की गुंजाइश का ना होना है। चॉइस सेंटर के संचालक गिरधर साहू ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में कई खामियां हैं, जिसके कारण फॉर्म भरने में देरी हो रही है और छात्रों को परेशानी हो रही है। एडिट का ऑप्शन ना होना सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आ रही है। फॉर्म भरते समय किसी न किसी प्रकार की त्रुटि हो जाती है, ऐसी स्थिति में त्रुटि सुधार के लिए एडिट का कोई ऑप्शन मौजूद नहीं है। परीक्षा फॉर्म में हो रही गलती के कारण छात्र बहुत अधिक परेशान हैं और उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि फॉर्म में त्रुटि हो गई तो उसका सुधार कैसे किया जाए या दूसरा फॉर्म भरा जाए। मैथ्स के छात्रों का साइट ही नहीं खुल रहा है। जिसके कारण मैथ्स का कोई भी स्टूडेंट परीक्षा के लिए आवेदन नहीं कर सका है। दूसरी ओर परीक्षा शुल्क का भुगतान हो जाने के बाद यदि किसी कारण से फॉर्म नहीं भरा जाता तो परीक्षा शुल्क वापस होने की कोई प्रक्रिया नहीं है। इस प्रकार अन्य समस्याएं बनी हुई है जिससे छात्रों को जूझना पड़ रहा है।

समस्या हल करने किया जा रहा प्रयास : प्राचार्य

ऑनलाईन परीक्षा फार्म भरने में हो रही दिक्कतों के संबंध में पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कोमल सिंह शार्वा से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि छात्रों से इस संबंध में कुछ शिकायतें प्राप्त हुई है। छात्रों को इस संबंध में लिखित आवेदन करने के लिए कहा गया है, जिसकी प्रति तत्काल विश्वविद्यालय को ईमेल से भेजी जाएगी और संपर्क कर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। जिससे छात्रों को अनावश्यक परेशानी ना उठानी पड़े।

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