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Chokhelal

मुखिया के मुखारी

इण्डिया रायटर्स (मासिक पत्रिका) की प्रस्तुति  रायपुर, 29 दिसम्बर 2017

मुखिया के मुखारी

भारतीय जनता पार्टी के समर्थितों की तरफ से राजधानी में हर साल आयोजित किया जाने वाला स्वदेशी मेला इस बार कांग्रेस के लिए सुखद रहा क्योंकि मेले में पहुंची एक टेैरो कॉर्ड महिला ज्योतिष ने यह भविष्यवाणी करके सबको हैरान कर दिया है कि अगले सालांत होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत की शत-प्रतिशत संभावना है। यह भविष्यवाणी कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायक के सामने की गई, जो स्वास्थ्यगत कारणों से अब चुनावी राजनीति से खुद को दूर करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन सरकार बनने की संभावना को देखते हुए वे फिर सक्रिय हो गए हैं और अब संभव है कि वे चुनाव भी लड़ें।

टैरो कॉर्ड महिला ज्योतिष ने कांग्रेस के सरकार बनाने के कारण तो नहीं बताया लेकिन भाजपा के सत्ताच्युत होने के कारणों का खुलाया जरूर किया। उसने जो बताया वह लगभग सच है क्योंकि टेरो कॉर्ड का हवाला देकर महिला ज्योतिष ने बताया कि चूंकि प्रदेश भाजपा और राज्य सरकार सांप-बिच्छु और नेवलों के घिरी हुई है, लिहाजा उसका चौथी बार सत्ता में लौटना संभव नहीं दिख रहा है। अगर सत्ता और संगठन अगले आठ-दस महीनों में इन सांप-बिच्छुओं और नेवलों को खुद से दूर कर ले तो सत्ता में वापसी संभव हो सकती है।

इन बातों को कहकर महिला ज्योतिष ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सत्ता और संगठन को दीमक की तरह खोखला करने वाले कुछ बद्तमीज किस्म के मंत्रियों के बारे में सब जानते हैं लेकिन वहां अब सांप-बिच्छू और नेवले कौन हो गए हैं, इसकी तलाश शुरू हो गई है। इनमें सबसे पहले उन मंत्रियों का नाम आता है जो आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के बाद ऐसे अकड़े हुए हैं मानों उनके पूरे शरीर में अरारोट लगा हुआ है। एक दूसरा मंत्री की सरपरस्ती में टोल नाकों पर वाहनों से अवैध वसूली की जाती रही लेकिन मजाक है कि उनकी भाषा में कोई पर्क आया हो। आज भी वे मीडिया कर्मियों को भीखमचंद और मांगीलाल कहने से बाज नहीं आते हैं। दलाल किस्म के ठेकेदारऔर विज्ञापन एजेंसी संचालक उनके मददगारों में शुमार हैं। उनकी कार्यशैली के कारण सत्ता और संगठन की अनेक बार किरकिरी हुई लेकिन मजाल है कि उनकी जुबान की अकड़ कम हुई हो। एक मंत्री शराब की भरपूर बिक्री करके प्रदेश की तरुणाई को बरबाद करके खुश हैं तो एक दूसरे मंत्री वन भूमि को कब्जाने के आरोप से अब तक मुक्त नहीं हो पाए हैं और राज्य सरकार में नम्बर -दो की पोजिशन वाले मंत्री को तो कम्बल वाले बाबा से ही फुर्सत नहीं मिल रही है, जिसके बाद वे यह देख सकें कि राजधानी मेें बैंक में सेंधमारी हो रही है, विधवा के साथ गैंगरेप हो रहा है या फिर लोकल प्रशासन पूरी राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था को चौपट कर रहा है। इन सबमें सत्ता और संगठन के सांप-बिच्छू और नेवले हो सकते हैं। एक अन्य मंत्री को पत्नी को उच्च शिक्षित बनाने का ऐसा नशा चढ़ा कि उन्होंने यह नहीं देखा कि पत्नी की जगह साली परीक्षा देने बैठ गई है, जिसे रंगे हाथों पकड़ा जा चुका है।

लेकिन सभी जानते हैं कि नौकरशाहों के बिना सरकारें नहीं चला करतीं। सरकार में भी कुछ ऐसे नौकरशाह बैठे हैं, जिन्हें सत्ता और संगठन का सांप-बिच्छू और नेवला कहा जा सकता है। इनमें वे नौकरशाह शामिल हैं, जो खुले आम, सार्वजनिक रूप से देश की न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। इनमें वे नौकरशाह भी शामिल हैं जो खुल्लम-खुल्ला पूछते हैं कि देश के विकास मे ंपं. दीनदायल उपाध्याय का क्या योगदान है। वे नौकरशाह भी हैं, जो शिक्षाकर्मियों को आदेशित करते हैं कि वे पढ़ाना-लिखाना छोड़कर वे यह देखें कि कौन सा विद्यार्थी कितनी बार टॉयलेट गया है। वे नौकरशाह भी शामिल हैं जो रात को केंद्रीय जेल जाकर पता नहीं ऐसा क्या जादू करते हैं कि कुछ घण्टे पहले तक सरकार से टकराने के लिए चिंघाडऩे वाले हजारों शिक्षाकर्मी भीगी बिल्ली बनकर लिखित में यह दे देते हैं कि अब हड़ताल से उनकी तौबा। इनमें वे नौकरशाह शामिल नहीं हैं जो अपनी बेटी को सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाते हैं, उसके साथ क्लास रूम में बैठकर तस्वीरें खिंचवाकर अच्छा संदेश देने की कोशिश करते हैं और उस बेटी को इतना ट्रेंड करते हैं कि क्लास रूम में वह अपने सहपाठियों को भी पढ़ा सके। इनमें वे नौकरशाह शामिल नहीं हैं, जो कन्यायों के स्कूल में जाकर उनके जमीन पर बैठकर बातें करते हैं और उनके साथ सेल्फी खींचते हैं। ऐसे नौकरशाहों की बेहद कमी है क्योंकि सभी जल्दबाजी में हैं। सभी को पैसा कमाने की जल्दी है और शायद यही जल्दी सत्तारूढ़ दल के मंत्रियों, विधायकों और नौकरशाहों को सांप-बिच्छू और नेवलों में तब्दील कर रही है। अब इन्हें सत्ता और संगठन से दूर कर पाना नामुमकिन है, इसीलिए ज्योतिष को कहना पड़ गया कि भाजपा की चौथी बार सत्ता में वापसी की संभवनाएं बेहद क्षीण हैं।

चोखेलाल
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