Chhattisgarh Raipur

छत्तीसगढ़ को जल्द मिलेगी नए टाइगर रिजर्व की सौगात, केन्द्र दे चुका है सैद्धांतिक सहमति

 श्वेता शुक्ला/रायपुर। छत्तीसगढ़ को नए टाइगर रिजर्व की सौगात जल्द मिलने वाली है। यहां मध्यप्रदेश के संजय डबरी नेशनल पार्क और छत्तीसगढ़ के गुरूघासीदास तमोर पिंगला अभयारण्य को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाया जा रहा है। दोनों प्रदेशों के जंगल के इस कॉरीडोर में ११ बाघ विचरण करते हैं। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन ऑथोरिटी ने इस वन क्षेत्र को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए पहले ही अपनी सैद्धांतिक सहमति देते हुए इसका अंतिम प्रस्ताव मांगा था। राज्य सरकार प्रस्ताव तैयार कर एनटीसीए को भेजने अंतिम रूपा रेखा तैयार कर रही है जिसके बाद अब प्रदेश को एक और टाइगर रिजर्व मिल जाएगा और भविष्य में इससे बाघों की संख्या बढऩे की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में इंद्रावती, उदंति सीतानदी और अचानकमार को टाइगर रिजर्व की मान्यता मिली हुई है।

एनटीसीए ने दी सहमति
प्रदेश में बाघों के संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ वन्य जीव बोर्ड ने गुरु घासीदास और तमोर पिंगला वन क्षेत्र को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए २०१२ में एनटीसीए को प्रस्ताव भेजा था। इस पर ऑथोरिटी ने अक्टूबर, २०१४ में सैद्धांतिक सहमति देते हुए निर्धारित सभी मापदंडो के आधार पर पूर्ण प्रस्ताव मांगा था। टाइगर रिजर्व बनाए जाने के लिए एनटीसीए के इंसपेक्टर ऑफ जनरल ने फील्ड का निरीक्षण किया और मापदंडों के आधार पर खरा उतरने के बाद जल्द से जल्द टाइगर रिजर्व घोषित करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार से अंतिम प्रस्ताव मांगा है। टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले ४२ गांव में से ४० गांव के लोगों ने टाइगर रिजर्व बनाए जाने के लिए अपनी सहमति दे दी है।

टाइगर रिजर्व बनेगा
टाइगर रिजर्व बनने के बाद यहां बाघों के संरक्षण के लिए केन्द्रीय आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके साथ ही वन्य प्राणी संरक्षण कानून भी सख्ती से लागू होगा, जिससे खनन जैसी गैर-वानिकी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।मध्यप्रदेश से विभाजन के बाद इस अभयारण्य में लगभग तीन चाथाई हिस्सा था और जिसमें से लगभग एक चौथाई हिस्सा मध्यप्रदेश में चला गया। संजय डबरी नेशनल पार्क में ११ बाघ पाए गए जिसके चलते इसे टाइगर रिजर्व की श्रेणी में रखा गया।

छत्तीसगढ़ का शामिल क्षेत्रफल
प्रदेश के गुरूघासीदास उद्यान का क्षेत्रफल १४४०.७०५, मनेंद्रगढ़ वन मंडल का २०.९४२, कोरिया वनमंडल का ४५.२७३, सूरजपुर वन मंडल का ६३.७५०, तमोर पिंगला अभयारण्य के ६०८.५२६, और बलराम वन मंडल के ९४.४६१वर्ग मिलोमीटर क्षेत्रफल को शामिल किया गया है। टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद इन जंगलों का कोर एवं बफर क्षेत्र २२८१ वर्ग किमी हो जाएगा। इसमें लगभग १२४६ वर्गकिमी कोर क्षेत्र होगा।

वर्जन
गुरूघासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश का सबसे बड़ा क्षेत्रफल वाला टाइगर रिजर्व होगा। इसकी यह भी विशेषता है कि यहां बाघ और हाथी दोनों के संरक्षण के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
केके बिसेन, फील्ड डायरेक्टर

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